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May 19, 2026
हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : 2 दिन वर्क फ्रॉम होम करेंगे कर्मचारी, ईंधन और खर्च बचाने पर जोर
चीफ जस्टिस ने तुरंत लागू करने के दिए आदेश
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शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बढ़ते सरकारी खर्च और ईंधन की खपत को कम करने के लिए दो बड़े और अनोखे फैसले लिए हैं। अब हाईकोर्ट के जस्टिस दफ्तर आने-जाने के लिए कार पूलिंग करेंगे। यानी एक ही वाहन में कई जज एक साथ सफर करेंगे।
इसके साथ ही हाईकोर्ट के 50 फीसदी कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल भूपेश शर्मा ने सोमवार देर शाम आधिकारिक आदेश जारी किए। आदेशों में कहा गया है कि खर्चों पर नियंत्रण और संसाधनों के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
हाईकोर्ट प्रशासन का मानना है कि कार पूलिंग से ईंधन की बचत होगी और सरकारी वाहनों के अनावश्यक उपयोग पर भी रोक लगेगी। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब देशभर में सरकारी संस्थानों को खर्चों में कटौती और संसाधनों के संतुलित उपयोग के निर्देश दिए जा रहे हैं।
नई व्यवस्था के तहत हाईकोर्ट रजिस्ट्री की हर शाखा या सेक्शन का 50 फीसदी स्टाफ सप्ताह में अधिकतम दो दिन घर से काम करेगा। बाकी 50 फीसदी कर्मचारी कार्यालय में मौजूद रहेंगे ताकि कोर्ट का काम प्रभावित न हो।
चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया ने इस व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही रजिस्ट्रार को हर सप्ताह शुरू होने से पहले कर्मचारियों का रोस्टर तैयार करने को कहा गया है।
वर्क फ्रॉम होम करने वाले कर्मचारियों को हर समय फोन पर उपलब्ध रहना अनिवार्य होगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत कार्यालय बुलाया जा सकता है। आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन विभागों में काम अत्यधिक जरूरी है और घर से काम करना संभव नहीं है, वहां यह सुविधा लागू नहीं होगी। ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय संबंधित रजिस्ट्रार लेंगे।
इससे पहले हिमाचल के राज्यपाल कविंदर गुप्ता भी सरकारी खर्च कम करने के लिए अपने वाहनों के काफिले को छोटा कर चुके हैं। उन्होंने हेलिकॉप्टर का उपयोग न करने और रविवार को सरकारी वाहनों का इस्तेमाल न करने जैसी पहल की थी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देशवासियों से ईंधन की बचत करने और संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील कर चुके हैं।