#अपराध
May 17, 2026
शाबाश हिमाचल पुलिस : पंजाब से भेजा जा रहा था चिट्टा, पुलिस ने 29 नेटवर्क का किया भंडाफोड़
खेप समेत कई नशा तस्कर चढ़े पुलिस के हत्थे
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शिमला। हिमाचल पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज कर दिया है। अब पुलिस टीम ने सीधे उन मुख्य सप्लायरों तक पहुंच बनानी शुरू कर दी है- जो हिमाचल में युवाओं तक नशे की खेप पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
पुलिस केवल छोटे स्तर के पेडलरों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़कर बड़े तस्करों पर शिकंजा कस रही है। इसी कड़ी में शिमला पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में चंडीगढ़ और अमृतसर से मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।
ASP शिमला अभिषेक ने बताया कि पुलिस थाना कुमारसैन में बीते बुधवार यानी 13 मई को NDPS एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने चौड़ा मैदान निवासी निखिल ठाकुर और टुटीकंडी निवासी सुलभ थापा को गिरफ्तार किया था।
दोनों आरोपियों के कब्जे से करीब 11 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक पेशे से अधिवक्ता है, जिसने नशे के इस नेटवर्क से संबंध बना रखे थे।
पुलिस ने मामले की गहन जांच करते हुए आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से पड़ताल की। बैकवर्ड लिंकिज पर काम करते हुए पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंच गई- जिसने चिट्टे की खेप हिमाचल भेजी थी।
जांच में खुलासा हुआ कि यह नशा चंडीगढ़ निवासी आकाश द्वारा सप्लाई किया गया था। इसके बाद 15 मई को पुलिस थाना ढली की टीम ने चंडीगढ़ में दबिश देकर आरोपी आकाश को गिरफ्तार कर लिया।
इसी तरह दूसरा मामला रामपुर क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। थाना रामपुर में 9 मई को दर्ज एक मामले में पुलिस ने रोहित चौहान, तुषार वर्मा और प्रवीण कुमार को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से नौ ग्राम चिट्टा और इस्तेमाल की गई डिस्पोजेबल सिरिंज बरामद हुई थीं।
पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नशे की यह खेप अमृतसर निवासी अमनदीप सिंह द्वारा भेजी गई थी। इसके बाद 15 मई को पुलिस थाना कुमारसैन की टीम अमृतसर पहुंची और आरोपी अमनदीप सिंह को गिरफ्तार कर हिमाचल ले आई।
शिमला पुलिस का कहना है कि अब नशा तस्करी के मामलों में केवल बरामदगी तक सीमित कार्रवाई नहीं की जा रही, बल्कि पूरे सप्लाई चैन को तोड़ने पर फोकस किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर हिमाचल के युवाओं तक नशा पहुंचाने के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और इनके तार किन-किन राज्यों से जुड़े हुए हैं।

ASP अभिषेक के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकिज के आधार पर 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा 29 अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्कों को ध्वस्त करने में भी पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस का दावा है कि आने वाले समय में भी यह अभियान और तेज किया जाएगा ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सके।
लगातार सामने आ रहे मामलों ने यह साफ कर दिया है कि हिमाचल में नशे का नेटवर्क अब स्थानीय सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके तार बाहरी राज्यों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा पीढ़ी को बचाने की बड़ी लड़ाई बनती जा रही है।