#अपराध
May 18, 2026
हिमाचल पंचायत चुनाव: यहां बैलेट पेपर हो गए गायब, मचा हड़कंप; 8 कर्मचारियों पर दर्ज हुई FIR
प्रशासन ने चुनाव ड्यूटी से हटाए 8 लापरवाह कर्मचारी, पुलिस कर रही जांच
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सोलन। हिमाचल प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजे घोषित होते ही अब ग्रामीण सियासत का पारा चढ़ गया है। सूबे में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर सरगर्मियां बेहद तेज हो चुकी हैं और जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। लेकिन इसी बीच सोलन जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं।
यहां चुनावी प्रक्रिया के दौरान भारी लापरवाही और गड़बड़ी बरतते हुए कर्मचारियों ने सीधे बैलेट पेपर (मतपत्र) ही गायब कर दिए। इस बड़ी लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाया है और एक सहायक रिटर्निंग अधिकारी ;एआरओद्ध समेत आठ कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। इसके साथ ही इन सभी दागी कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से तुरंत प्रभाव से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
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मिली जानकारी के अनुसार सोलन जिला के कुनिहार में पंचायत चुनावों के लिए चल रहे पोस्टल बैलेट और बैलेट पेपर लेखन कार्य के दौरान दो बैलेट पेपर रहस्यमयी तरीके से गायब पाए गए हैं। मामला सामने आते ही प्रशासन ने तुरंत सख्त कार्रवाई करते हुए आठ कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है। इनमें संबंधित सहायक रिटर्निंग अधिकारी (एआरओ) भी शामिल बताए जा रहे हैं।
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बताया जा रहा है कि कुनिहार ब्लॉक मुख्यालय में 16 मई से पंचायत चुनावों के लिए पोस्टल बैलेट और बैलेट पेपर लेखन का कार्य चल रहा था। विभिन्न पंचायतों के लिए मतपत्र तैयार करने और वितरण की जिम्मेदारी अलग-अलग कर्मचारियों और अधिकारियों को सौंपी गई थी। इसी दौरान ग्राम पंचायत खनलग के वार्ड नंबर-4 के प्रधान पद के लिए जारी किए गए दो बैलेट पेपर रिकॉर्ड से गायब पाए गए।
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान बैलेट पेपर क्रम संख्या 5265516 से 5265670 तक का रिकॉर्ड चेक किया गया, लेकिन इनमें से क्रम संख्या 5265669 और 5265670 के दो मतपत्र नहीं मिले। मामला सामने आते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया और तुरंत उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ कुनिहार तन्मय कंवर ने बिना देरी किए पुलिस थाना कुनिहार में शिकायत दर्ज करवाई। प्रशासन ने शुरुआती जांच के बाद आठ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मानते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी। साथ ही सभी कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से हटाने के आदेश जारी कर दिए गए। सूत्रों के अनुसार प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि बैलेट पेपर लापरवाही के कारण गायब हुए या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश है।
मामले की जांच अब पुलिस और प्रशासन दोनों स्तर पर की जा रही है। पुलिस संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है और रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। डीएसपी अशोक चौहान ने बताया कि बैलेट पेपर गायब होने की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह मामला लापरवाही का है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।
पंचायत चुनावों को लेकर पहले ही प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। ऐसे में बैलेट पेपर गायब होने की घटना ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक हलकों में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में प्रशासन पंचायत चुनावों के दौरान सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और कड़ा कर सकता है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।