बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर स्थित श्री नैना देवी क्षेत्र में नशा तस्करों पर पुलिस ने अपनी कार्रवाई को तेज करते हुए एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पंजाब से आए दो चिट्टा तस्करों को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब दोनों युवक कथित रूप से क्षेत्र में चिट्टा बेचने की फिराक में थे।
होटल रूम में ठहरे थे नशा तस्कर
पुलिस चौकी श्री नैना देवी की टीम को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध युवक – जसकरण सिंह और अमनदीप – कटारिया ढाबा एवं होटल के एक कमरे में ठहरे हुए हैं और नशे का कारोबार कर रहे हैं। जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर होटल के कमरे नंबर 01 में छापेमारी की।
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चलते-फिरते ढूंढते थे ग्राहक
छापेमारी के दौरान अमनदीप पुत्र स्वर्गीय प्रेम चंद, निवासी बासोवाल कॉलोनी, आनंदपुर साहिब, रोपड़ (पंजाब), उम्र 32 वर्ष और जसकरण सिंह पुत्र रविंद्र सिंह, निवासी गांव रोली झिंझड़ी, रोपड़ (पंजाब), उम्र 19 वर्ष को गिरफ्तार किया गया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 4.13 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया गया। इसके अलावा पुलिस को पांच खाली सीरिंज और एक पॉलिथीन लिफाफे में रखी हुई कुल 6,000 रुपये की नकदी भी मिली, जो संभवतः नशे की खरीद-फरोख्त से संबंधित थी।
दो पंजाबी युवक गिरफ्तार
दोनों तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन शामिल हैं, इसकी छानबीन की जा रही है। तस्करों से पूछताछ के दौरान कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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स्थानीय लोगों की भूमिका भी अहम
इस सफलता में स्थानीय लोगों की सतर्कता और पुलिस के साथ सहयोग भी एक बड़ी वजह रही। पुलिस को गुप्त सूचना देने वाले व्यक्ति की सतर्कता के चलते ही ये तस्कर पकड़े जा सके। इससे यह भी साफ है कि अब आम नागरिक भी नशे के खिलाफ जंग में साथ खड़े हो रहे हैं।
पुलिस का सख्त संदेश
श्री नैना देवी क्षेत्र में पहले भी नशा तस्करी के कई मामलों का खुलासा हो चुका है। पुलिस लगातार “नो ड्रग्स ज़ोन” बनाने की दिशा में सक्रिय है। इस ताजा गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी कीमत पर नशा तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा। क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस चौकियों को चौकस रखा गया है।
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सामाजिक संकल्प की जरूरत
पुलिस की कार्रवाई भले ही सराहनीय हो, लेकिन नशा जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए समाज को भी जागरूक होना होगा। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए परिवार, स्कूल और समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे, तभी इस लड़ाई में स्थायी जीत हासिल की जा सकती है।
