बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित उत्तरपुस्तिका छेड़छाड़ मामले में अब बड़ा खुलासा हुआ है। फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट के बाद स्कूल शिक्षा बोर्ड की आंतरिक जांच कमेटी ने भी साफ माना है कि छात्राओं की कॉपियों के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई थी।
HPBOSE के पेपर में छेड़छाड़
बोर्ड ने अब यह रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए शिक्षा निदेशालय को भेज दी है। माना जा रहा है कि कॉपियों का मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों सहित अन्य जिम्मेदारों पर जल्द बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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क्या है पूरा मामला?
यह मामला बिलासपुर जिले के राजकीय उच्च पाठशाला ज्योरा की छात्राओं से जुड़ा है। मार्च 2025 की वार्षिक परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए झंडूता स्कूल को केंद्र बनाया गया था। परीक्षा परिणाम आने पर छात्राएं उस समय हैरान रह गईं जब ड्राइंग विषय में उन्हें अपेक्षा से बेहद कम अंक मिले। जबकि बाकी सभी विषयों में उनके 90 प्रतिशत से अधिक अंक थे।
RTI से खुला पूरा खेल
पहले छात्राओं ने पुनर्मूल्यांकन करवाया, लेकिन उसमें भी केवल एक अंक की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद छात्राओं ने RTI के तहत अपनी उत्तरपुस्तिकाओं की फोटोकॉपी निकलवाई।
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रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
कॉपियां देखते ही सबके होश उड़ गए। आरोप है कि सही उत्तरों को पेन से काटकर उनकी जगह गलत उत्तर लिख दिए गए थे। इस खुलासे के बाद छात्राओं ने बिलासपुर में प्रदर्शन किया और बाद में धर्मशाला स्थित शिक्षा बोर्ड मुख्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज करवाया।
फोरेंसिक जांच में भी पुष्टि
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 9 विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं जांच के लिए फोरेंसिक लैब धर्मशाला भेजीं। FSL रिपोर्ट में भी कॉपियों से छेड़छाड़ की पुष्टि हुई थी। इसके बाद बोर्ड ने आंतरिक जांच कमेटी गठित की थी। अब कमेटी की रिपोर्ट में भी यह बात पूरी तरह सही पाई गई है कि उत्तरपुस्तिकाओं के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
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अब हो सकती है बड़ी कार्रवाई
स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने पुष्टि करते हुए कहा कि जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और अब संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए फाइल शिक्षा निदेशालय भेज दी गई है।
उठ रहे कई सवाल
इस मामले ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर मेहनत करने वाले छात्रों की कॉपियों से इस तरह छेड़छाड़ कैसे हुई और इतने समय तक इसकी भनक किसी को क्यों नहीं लगी।
