#अव्यवस्था
May 15, 2026
हिमाचल में खड़ी बाइक का उतराखंड में कटा मोटा चालान, जुर्माना देख मालिक के उड़े होश
अचानक मोबाइल पर आया ई-चालान
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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को उस जगह का ई-चालान भेज दिया गया, जहां उसकी बाइक कभी गई ही नहीं थी। इस घटना के बाद ई-चालान प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला सिरमौर जिले के पांवटा साहिब क्षेत्र का है। यहां कौलावालाभूड़ निवासी मुकेश शर्मा उस समय चौंक गए जब उनके मोबाइल फोन पर उत्तराखंड ट्रैफिक पुलिस का ई-चालान मैसेज प्राप्त हुआ। मैसेज में बताया गया कि उनके वाहन पर यातायात नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ है और जुर्माना लगाया गया है।
सबसे बड़ी हैरानी की बात यह थी कि जिस समय चालान काटा गया, उस समय उनकी बाइक पांवटा साहिब में उनके घर के बाहर खड़ी थी। ऐसे में चालान का नैनबाग क्षेत्र से जुड़ा होना उन्हें पूरी तरह गलत और असंभव लगा।
यह ई-चालान 15 मई 2026 को उत्तराखंड के NH-507, नैनबाग-खरसोन क्षेत्र में जारी किया गया है। चालान में वाहन नंबर HP17G8183 दर्शाया गया है और आरोप लगाया गया है कि वाहन बिना हेलमेट और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के चलाया जा रहा था, जिस पर 3500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
मुकेश शर्मा ने बताया कि चालान में केवल लोकेशन ही गलत नहीं है, बल्कि वाहन से जुड़ी जानकारी भी मेल नहीं खाती। ई-चालान में जिस बाइक मॉडल का उल्लेख किया गया है वह स्प्लेंडर बताया गया है, जबकि उनके पास किसी अन्य कंपनी की बाइक है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी बाइक न तो कभी उत्तराखंड गई है और न ही उस समय वह कहीं बाहर इस्तेमाल की गई थी। यह वाहन पूरी तरह पांवटा साहिब में ही खड़ा था।
इस मामले के सामने आने के बाद न केवल वाहन मालिक बल्कि स्थानीय लोग भी हैरान हैं। लोगों का कहना है कि यदि इस तरह बिना सही जांच के ई-चालान जारी होने लगे तो आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ेगा और सिस्टम पर भरोसा कमजोर होगा।
पीड़ित मुकेश शर्मा ने पूरे मामले को तकनीकी खामी या गलत डेटा फीडिंग का परिणाम बताया है। उनका कहना है कि संभव है कि किसी अन्य वाहन के नंबर या सिस्टम में दर्ज जानकारी में गलती हो गई हो, जिसकी वजह से यह गलत चालान उनके नाम पर जारी हो गया।
मुकेश शर्मा ने इस संबंध में संबंधित विभाग से शिकायत दर्ज करवाई है और मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसी गलतियों को तुरंत ठीक किया जाना चाहिए, ताकि निर्दोष लोगों को बेवजह परेशान न होना पड़े और ई-चालान प्रणाली पर लोगों का भरोसा बना रहे।
यह मामला सामने आने के बाद अब ट्रैफिक ई-चालान प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि तकनीकी खामियों को समय रहते दूर नहीं किया गया तो भविष्य में इस तरह की गलतियां और बढ़ सकती हैं।