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May 16, 2026

हिमाचल के नर्सिंग कॉलेज बवाल- छात्राओं से टॉयलेट साफ करवाने के आरोप, प्रिंसिपल को हटाने की मांग

छात्राओं से करवाए जा रहे सफाई और अन्य काम

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Rampur Nursing School

शिमला। हिमाचल के एक नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं से टॉयलेट और परिसर की सफाई करवाने के आरोपों ने विवाद खड़ा कर दिया है। मामले को लेकर अभिभावकों में भारी नाराजगी है और उन्होंने प्रिंसिपल को हटाने के साथ-साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

 

इस मामले में उन्होंने प्रधानमंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग समेत कई बड़े संस्थानों को शिकायत भेजी है और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

 

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अभिभावकों का कहना है कि संस्थान में छात्राओं को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण देने के बजाय उन पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। शिकायत पत्रों में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें छात्राओं से गैर-शैक्षणिक कार्य करवाने से लेकर मानसिक उत्पीड़न तक की बातें शामिल हैं।

छात्राओं से करवाए जा रहे सफाई और अन्य काम

अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि GNM प्रशिक्षण स्कूल में छात्राओं से पढ़ाई के अलावा शौचालय, मेस और पूरे परिसर की सफाई करवाई जाती है। इसके साथ ही उन्हें जंगल ड्यूटी और बंदरों को भगाने जैसे काम भी करने पड़ते हैं।

 

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उनका कहना है कि यह कार्य छात्राओं के प्रशिक्षण का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन फिर भी उन पर ऐसे काम करने का दबाव बनाया जाता है। इससे छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और वे मानसिक रूप से परेशान हो रही हैं।

मेस में खराब खाना मिलने का आरोप

शिकायत में संस्थान के मेस को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। अभिभावकों का आरोप है कि छात्राओं को मेस में बेहद खराब बनने वाला खाना दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार खाना न तो साफ-सुथरा होता है और न ही पौष्टिक। इससे छात्राओं की सेहत पर असर पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को अच्छा और स्वस्थ वातावरण मिलना चाहिए, लेकिन संस्थान में मूलभूत सुविधाओं तक की कमी बनी हुई है। 

 

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जांच में सामने आई थीं कई खामियां

अभिभावकों ने बताया कि हाल ही में SDM रामपुर और चिकित्सकों की एक टीम ने संस्थान का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आई थीं। बताया जा रहा है कि निरीक्षण में साफ-सफाई, छात्राओं की सुविधाओं और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं में कमी पाई गई थी। इसके बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया है।

TB संक्रमण की जानकारी से बढ़ी चिंता

संस्थान में TB संक्रमण की जानकारी सामने आने के बाद अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि स्वास्थ्य संबंधी मामलों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो छात्राओं की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

 

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प्रधानाचार्या को हटाने की मांग

अभिभावकों ने खनेरी अस्पताल के MS को लिखित शिकायत देकर प्रधानाचार्या मधुबाला को जांच पूरी होने तक पद से हटाने की मांग की है। उनका आरोप है कि प्रधानाचार्या लगातार छात्राओं पर मानसिक दबाव बना रही हैं और शिकायत करने वाली छात्राओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। हालांकि, अब तक प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे अभिभावकों में भारी नाराजगी है।

छात्राओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य की मांग

अभिभावकों ने सरकार और प्रशासन से छात्राओं की सुरक्षा, गोपनीयता और मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को किसी भी तरह की प्रताड़ना या मानसिक दबाव से बचाया जाए और उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही एसएनए, हेल्थ और स्पोर्ट्स फंड की निष्पक्ष जांच करवाने की भी अपील की गई है।

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