#अव्यवस्था
May 15, 2026
सुक्खू सरकार का बड़ा झटका : इन बिजली उपभोक्ताओं पर थोप दिया एक और सेस, जानें
पहले दूध और पर्यावरण सेस लागू कर चुकी है सरकार
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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने अब व्यावसायिक बिजली उपभोक्ताओं पर एक और अतिरिक्त बोझ डालते हुए नया बिजली सेस लागू कर दिया है। ऊर्जा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के तहत होटल, निजी अस्पताल, पेट्रोल पंप, शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स सहित कई व्यवसायिक संस्थानों से अब बिजली खपत पर एक रुपये प्रति यूनिट अतिरिक्त वसूला जाएगा। सरकार का यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

दरअसल, नई व्यवस्था के तहत बिजनेस हाउस, निजी कार्यालय, होटल-मोटल, प्राइवेट नर्सिंग होम, कोचिंग संस्थान, रिसर्च सेंटर और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी इस दायरे में आएंगे।
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इससे पहले भी प्रदेश सरकार बिजली उपभोक्ताओं पर दूध और पर्यावरण सेस लागू कर चुकी है, जिसके चलते कई श्रेणियों में बिजली दरों में बढ़ोतरी हुई थी।
फरवरी 2025 से घरेलू और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल में दूध और पर्यावरण उपकर जोड़ा गया था। घरेलू उपभोक्ताओं पर दूध सेस लागू किया गया, जबकि अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को दोनों प्रकार के सेस का भुगतान करना पड़ रहा है। वहीं, शून्य बिजली बिल वाले घरेलू उपभोक्ताओं को इस उपकर से राहत दी गई है।
सरकार इससे पहले बैंकिंग, वित्तीय और बीमा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों पर भी बिजली खपत के आधार पर अतिरिक्त शुल्क लगा चुकी है। अब नए सेस के लागू होने के बाद व्यापारिक संस्थानों की बिजली लागत में और बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।