सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में खतरनाक रास्ते अक्सर लोगों के लिए जानलेवा साबित हो जाते हैं। यहां जरा सा संतुलन बिगड़ने पर व्यक्ति सीधे गहरी खाई या ढांक में जा गिरता है। ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा जिला सिरमौर में सामने आया है, जहां ढांक से गिरने के कारण 52 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
किसी काम से निकले थे घर से बाहर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा जिला सिरमौर की ग्राम पंचायत देवना के अंतर्गत आने वाले पलगेच गांव में हुआ। बताया जा रहा है कि व्यक्ति किसी जरूरी काम के चलते घर से बाहर निकले थे। रोजाना की तरह वह रास्ते से होकर जा रहे थे।
यह भी पढ़ें : किसान की बेटी ने हिमाचल का नाम दुनिया भर में किया रोशन- माउंट एवरेस्ट फतेह कर रचा इतिहास
अचानक बिगड़ा संतुलन
इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह गहरी खाई में जा गिेरे। स्थानीय लोगों के अनुसार जिस जगह हादसा हुआ वहां रास्ता काफी खतरनाक और ढलान वाला है। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत परिवार को इसकी सूचना दी।
गंभीर हालत में पहुंचाया अस्पताल
हादसे की खबर मिलते ही परिवार और गांव के लोग मौके पर पहुंचे। काफी मुश्किल से व्यक्ति को ढांक से बाहर निकाला गया। वह गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। इसके बाद उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौहराधार पहुंचाया गया, ताकि समय रहते उनका इलाज हो सके।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : नशा बेच खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य, सरकार ने लिया एक्शन- जमीन-मकान किया जब्त
डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार गिरने के कारण उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें आई थीं, जिसकी वजह से उनकी जान नहीं बच सकी। जैसे ही परिवार को मौत की खबर मिली तो घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस दुखद घटना से सदमे में हैं।
मृतक की पहचान
जसवंत सिंह उम्र 52 साल, पलगेच गांव निवासी, जिला सिरमौर के रूप में हुई है।
यह भी पढ़ें : IGMC के डॉक्टरों का कमाल : बिना चीर-फाड़ कर डाली कैंसर की रोबोटिक सर्जरी, मरीज बिल्कुल स्वस्थ
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला मामला
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सभी जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह हादसा पैर फिसलने के कारण हुआ प्रतीत हो रहा है।
प्रशासन ने दी 25 हजार रुपये की फौरी राहत
इस दुखद हादसे के बाद प्रशासन की ओर से भी परिवार की मदद के लिए कदम उठाए गए हैं। तहसीलदार नौहराधार विनोद कुमार ने बताया कि प्रशासन द्वारा मृतक के परिजनों को फौरी राहत के तौर पर 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।
