#उपलब्धि
May 24, 2026
किसान की बेटी ने हिमाचल का नाम दुनिया भर में किया रोशन- माउंट एवरेस्ट फतेह कर रचा इतिहास
बेटी की बहादूरी पर गर्व कर रहा परिवार
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मंडी। कहते हैं कि मेहनत, हौसला और लगन के दम पर इंसान किसी भी मंजिल को हासिल कर सकता है। हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी की बेटी रुचिका ठाकुर ने इस बात को सच कर दिखाया है। रुचिका ठाकुर ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है। रुचिका ने आईटीबीपी की 11 सदस्यीय टीम के साथ 21 मई को माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचकर तिरंगा लहराया।
रुचिका की इस उपलब्धि से पूरे करसोग क्षेत्र में खुशी की लहर है। हर कोई अपनी इस बहादुर बेटी की तारीफ कर रहा है। परिवार, रिश्तेदारों और गांव के लोगों को रुचिका पर गर्व है। लोगों का कहना है कि बेटियां अगर ठान लें तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।
रुचिका ठाकुर दिसंबर 2022 में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी आईटीबीपी में भर्ती हुई थीं। देश सेवा का सपना लेकर उन्होंने फोर्स जॉइन की थी। नौकरी में आने के बाद भी उन्होंने खुद को लगातार मजबूत बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। कठिन ट्रेनिंग, अनुशासन और मेहनत के दम पर रुचिका ने पर्वतारोहण में अपनी खास पहचान बनाई।
परिवार का कहना है कि रुचिका शुरू से ही निडर और मेहनती स्वभाव की रही हैं। वह हर काम पूरे आत्मविश्वास के साथ करती थीं और हमेशा कुछ बड़ा करने का सपना देखती थीं। यही मेहनत आज उन्हें दुनिया की सबसे ऊंची चोटी तक ले गई।
रुचिका की बड़ी बहन अशरफा ने बताया कि परिवार में तीन बहनें हैं और रुचिका सबसे छोटी हैं। बचपन से ही वह बाकी बच्चों से अलग थीं। उन्हें चुनौतियों का सामना करना पसंद था और हमेशा आगे बढ़ने की सोच रखती थीं।
अशरफा ने बताया कि जब परिवार को पता चला कि रुचिका ने माउंट एवरेस्ट फतह कर लिया है तो घर में खुशी का माहौल बन गया। पूरे गांव से लोग बधाई देने पहुंच रहे हैं। परिवार को अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर बहुत गर्व है।
रुचिका की सफलता के पीछे उनके माता-पिता का बड़ा योगदान रहा है। उनके पिता लालचंद एक साधारण किसान हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटियों की पढ़ाई और सपनों में कभी कोई कमी नहीं आने दी। उन्होंने हमेशा बेटियों को बेटों की तरह पाला और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।
वहीं माता कृष्णा देवी ने भी अपनी बेटियों को हमेशा मेहनत करने और जिंदगी में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। परिवार की सोच हमेशा सकारात्मक रही, जिसका नतीजा आज पूरे देश के सामने है। परिवार का कहना है कि अगर माता-पिता बेटियों पर भरोसा करें और उन्हें आगे बढ़ने का मौका दें तो बेटियां हर क्षेत्र में परिवार और देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
रुचिका की इस उपलब्धि के बाद पूरे करसोग क्षेत्र में जश्न जैसा माहौल है। गांव के लोग गर्व से कह रहे हैं कि उनकी बेटी ने हिमाचल का नाम दुनिया में चमका दिया। सोशल मीडिया पर भी लोग रुचिका को बधाइयां दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि माउंट एवरेस्ट फतह करने के बाद रुचिका नेपाल के रास्ते भारत लौट रही हैं। आने वाले कुछ दिनों में वह अपने घर करसोग पहुंचेंगी। उनके स्वागत के लिए गांव और परिवार की ओर से खास तैयारियां की जा रही हैं।
रुचिका ठाकुर आज हिमाचल की हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि मेहनत और हिम्मत के दम पर कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। एक साधारण किसान परिवार से निकलकर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन रुचिका ने अपने हौसले से यह कर दिखाया। उनकी कहानी उन सभी बेटियों के लिए मिसाल है जो जिंदगी में कुछ बड़ा करना चाहती हैं।