शिमला। हिमाचल प्रदेश में बीते दो दिनों तक हुई लगातार बर्फबारी और बारिश के बाद रविवार को लोगों ने राहत की सांस ली है। प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में आज मौसम साफ रहने का अनुमान है, जिससे ठंड और बर्फबारी से जूझ रहे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
कल रात से फिर करवट लेगा मोसम
हालांकि यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है, क्योंकि मौसम विभाग ने 26 जनवरी की रात से एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, रविवार और 26 जनवरी को दिनभर मौसम सामान्य बना रहेगा, लेकिन 26 की रात से प्रदेश में मौसम दोबारा करवट लेगा।
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बारिश-बर्फबारी के आसार
इसके असर से 27 और 28 जनवरी को राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं। कुछ स्थानों पर भारी बर्फबारी भी हो सकती है, जिससे दुर्गम इलाकों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
जमा देने वाली ठंड, पारा माइनस 7 पहुंचा
प्रदेश में ठंड का प्रकोप लगातार बना हुआ है। लाहौल-स्पीति जिले के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन के सबसे निचले तापमानों में से एक है। अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी तापमान शून्य के आसपास बना हुआ है, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ रही है।
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बीते 24 घंटे में तापमान में गिरावट
बीते 24 घंटों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं अधिकतम तापमान भी सामान्य से 3 से 5 डिग्री नीचे बना हुआ है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहा, जबकि कुल्लू जिले के बजौरा में सबसे अधिक 29.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
29-30 जनवरी को मिल सकती है राहत
मौसम विभाग का कहना है कि 28 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ जाएगा। इसके चलते 29 और 30 जनवरी को प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इन दो दिनों के दौरान धूप निकलने से ठंड के असर में कुछ कमी आ सकती है और जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौट सकता है।
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घने कोहरे-तेज हवाओं की चेतावनी
हालांकि मौसम विभाग ने कुछ मैदानी और निचले क्षेत्रों में घने कोहरे, शीतलहर और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी भी जारी की है। ऐसे में वाहन चालकों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त
प्रदेश में हालिया बर्फबारी का असर अभी भी साफ दिखाई दे रहा है। राज्य में कुल 636 सड़कें यातायात के लिए बंद पड़ी हैं, जिनमें तीन राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। इससे कई जिलों में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। खासकर ऊंचाई और ग्रामीण इलाकों में लोग जरूरी सामान और स्वास्थ्य सेवाओं तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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कई इलाकों में बिजली गुल
इसके अलावा, बर्फ जमने और तेज ठंड के चलते प्रदेश में 5,032 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप पड़े हैं। इससे कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित है। पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पर्यटन स्थलों पर लौटी रौनक
एक ओर जहां बर्फबारी ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं दूसरी ओर मौसम साफ होते ही पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। राजधानी शिमला, मनाली, कुफरी, नारकंडा और खज्जियार जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में पर्यटक बर्फ का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से होटल, होम-स्टे, रेस्टोरेंट और टैक्सी ऑपरेटरों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को अच्छे सीजन की उम्मीद बंधी है।
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दुर्गम इलाकों में हालात अब भी कठिन
हालांकि प्रदेश के कई ग्रामीण और ऊंचाई वाले इलाकों में हालात अभी भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। बर्फ से ढकी सड़कों के कारण आवाजाही मुश्किल बनी हुई है। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कटा हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभाग सड़क बहाली और बिजली आपूर्ति को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं।
पर्यटकों से अपील
मौसम विभाग और प्रशासन ने पर्यटकों व स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें, मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
