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June 12, 2026
हिमाचल में प्री मानसून ने दिखाए तेवर, बाढ़ के मलबे में दबी 20 बेजुबान जिंदगियां; गाड़ियों पर गिरे पेड़
प्री मानसून की पहली ही बारिश और तूफान ने हिमाचल में मचा दी तबाही
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में प्री-मानसून की पहली जोरदार दस्तक ने ही तबाही की तस्वीर पेश कर दी है। गुरुवार से शुरू हुई मूसलाधार बारिश और तेज अंधड़ ने प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कहीं सड़कें पानी से भर गईं तो कहीं तेज हवाओं के कारण पेड़ धराशायी होकर वाहनों पर गिर पड़े। कई स्थानों पर नदी-नाले उफान पर आ गए, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
सबसे दुखद घटना चंबा जिले में सामने आई, जहां अचानक आए तेज बहाव और मलबे की चपेट में आने से 20 भेड़-बकरियों की मौत हो गई। मौसम के इस रौद्र रूप ने लोगों को यह एहसास करा दिया कि प्री-मानसून की शुरुआत ही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है।
गुरुवार देर शाम से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर शुरू हुआ। कई इलाकों में आंधी इतनी तेज थी कि लोग घरों और दुकानों में शरण लेने को मजबूर हो गए। रातभर चली बारिश के कारण शहरों और कस्बों की कई सड़कें जलमग्न हो गईं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे नाले उफान पर आ गए। तेज हवाओं और गरजते बादलों के बीच मौसम का ऐसा भयावह रूप देखने को मिला कि कई लोग सहम गए। जगह-जगह पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की खबरें भी सामने आईं।
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चंबा जिले में बारिश सबसे ज्यादा नुकसानदेह साबित हुई। रजेरा क्षेत्र के गढ़ नाले में अचानक जलस्तर बढ़ने से भारी मात्रा में मलबा बहकर आया। इस दौरान वहां मौजूद 20 भेड़-बकरियां मलबे की चपेट में आ गईं और उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले में पानी का बहाव कुछ ही मिनटों में खतरनाक स्तर तक पहुंच गया, जिससे पशुओं को बचाने का मौका तक नहीं मिल सका।
शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र में तेज बारिश और अंधड़ के दौरान एक विशाल पेड़ अचानक सड़क किनारे खड़ी दो गाड़ियों पर गिर पड़ा। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ ही सेकंड के अंतर से कई लोग बड़े हादसे का शिकार होने से बचते नजर आए। पेड़ गिरने से दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। घटना ने इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।
भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी बारिश का असर देखने को मिला। सरेंई नाले में भारी मात्रा में मलबा आने के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रशासन और संबंधित विभागों ने समय रहते स्थिति को संभालते हुए मार्ग को सुचारु करने का प्रयास किया।
मौसम विभाग के अनुसार बीते 12 घंटों के दौरान प्रदेश के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सोलन जिले के कसौली में सबसे अधिक 105 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा धर्मपुर, धौलाकुआं, पालमपुर, सोलन, जोत, सराहन और नाहन सहित कई क्षेत्रों में भी भारी बारिश हुई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पंजाब और हरियाणा की ओर से सक्रिय हुई लंबी स्क्वॉल लाइन के प्रभाव के कारण हिमाचल में तेज हवाओं और बारिश का यह दौर देखने को मिला। कई क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए प्रदेश के पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है।
एक ओर जहां बारिश ने कई इलाकों में परेशानी बढ़ाई, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर मौसम बेहद सुहावना हो गया है। शिमला, मनाली, कुफरी और नारकंडा समेत विभिन्न पर्यटन स्थलों पर बादलों, ठंडी हवाओं और हरियाली का खूबसूरत नजारा देखने को मिल रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे पर्यटक भी इस मनमोहक मौसम का आनंद ले रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने पर्यटकों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, मौसम अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। प्री-मानसून की शुरुआत ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में मानसून के दौरान और अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत होगी, ताकि किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सके।