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June 6, 2026
हिमाचल: भूकंप के तेज झटकों से दहली देवभूमि, घरों से बाहर निकले घबराए लोग- 5.0 रही तीव्रता
दो दशकों में आया सबसे तेज भूकंप
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और चंबा सहित राज्य के कई हिस्सों में शुक्रवार रात 10:04 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.0 मापी गई है। राहत की बात ये रही कि देर रात तक प्रदेश में कहीं से भी किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली।
मौसम और भूगर्भ वैज्ञानिकों के अनुसार इस भूकंप का केंद्र चंबा और कांगड़ा जिले की सीमा के पास धर्मशाला क्षेत्र में जमीन से महज 5 किलोमीटर की गहराई में था। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप का केंद्र जमीन के जितना नजदीक (कम गहराई पर) होता है, उसका असर उतना ही तीव्र महसूस होता है। यही वजह रही कि 5.0 तीव्रता के इस झटके ने बड़े इलाके को हिलाकर रख दिया।
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कांगड़ा, धर्मशाला, पालमपुर, बैजनाथ, चंबा और मंडी सहित कई जिलों में जैसे ही धरती हिली, लोग घबराकर अपने घरों और बहुमंजिला इमारतों से बाहर खुली जगहों की ओर भागने लगे। पिछले 20 सालों में हिमाचल में अमूमन 2 से 4 तीव्रता के ही छोटे भूकंप दर्ज किए गए हैं लेकिन शुक्रवार रात का ये झटका पिछले दो दशकों में सबसे ताकतवर था। लगातार आ रहे इन छोटे-छोटे झटकों और कल रात की तीव्रता ने लोगों के मन में किसी बड़े भूकंप की आशंका को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
भौगोलिक दृष्टि से हिमाचल का कांगड़ा जिला देश के सबसे संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है जिसे जोन-5 में रखा गया है। शुक्रवार रात आए इस झटके ने एक बार फिर साल 1905 की उस भीषण त्रासदी की यादें ताजा कर दी हैं जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।
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हिमाचल प्रदेश का इतिहास गवाह है कि ये क्षेत्र पहले भी कई बड़े और विनाशकारी भूकंपों का सामना कर चुका है: