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January 24, 2026

हिमाचल : पंचतत्व में विलीन हुए शहीद कपिल, बर्फबारी के बीच हुआ अंतिम संस्कार

ग्रेनेडियर रेजिमेंट 16वीं बटालियन का हिस्सा थे कपिल

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Martyr Kapil

सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की वादियां उस वक्त गमगीन हो उठीं, जब बर्फ से ढकी धरती ने अपने वीर सपूत को अंतिम बार अपने आंचल में समेट लिया। भारतीय सेना के जांबाज जवान ग्रेनेडियर कपिल का उनके पैतृक गांव पटना में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। चारों ओर बर्फबारी, नम आंखें और “शहीद कपिल अमर रहें” के नारों ने माहौल को भावुक बना दिया।

उत्तराखंड में हुए थे हादसे का शिकार

तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह जैसे ही चिता पर रखी गई, हर मौजूद व्यक्ति का सीना गर्व और पीड़ा से भर उठा। सिरमौर जिले की शिलाई तहसील के गांव पटना निवासी ग्रेनेडियर कपिल छुट्टी पर घर आए हुए थे। परिवार के साथ कुछ सुकून के पल बिताने की यह यात्रा किसी को अंदेशा नहीं था कि अंतिम साबित होगी।

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8 जनवरी को उत्तराखंड के सेलाकुई क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले उन्हें स्थानीय अस्पताल और बाद में देहरादून के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई दिनों तक वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे। गांव, परिवार और शुभचिंतकों की दुआओं के बावजूद वह देश के लिए अंतिम सांस ले गए।

ग्रेनेडियर रेजिमेंट 16वीं बटालियन का हिस्सा थे कपिल

जैसे ही शहादत की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। पिता पंच राम और माता जयंती देवी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। जिस बेटे के भविष्य और विवाह के सपने देखे जा रहे थे, वही बेटा तिरंगे में लिपटकर घर लौटा।

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वर्ष 2018 में सेना में भर्ती हुए कपिल ग्रेनेडियर रेजिमेंट की 16वीं बटालियन का हिस्सा थे और वर्तमान में 55 राष्ट्रीय राइफल्स के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। अपने सेवा काल में उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा और साहस की मिसाल कायम की।

पार्थिव देह को गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया सम्मानित

पांवटा साहिब में भूतपूर्व सैनिक संगठन और सैन्य टुकड़ी ने उनकी पार्थिव देह को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया। इसके बाद गांव पटना में अंतिम संस्कार के दौरान सेना की टुकड़ी ने अंतिम सलामी दी। बर्फबारी के बीच पंचतत्व में विलीन हुए शहीद कपिल की शहादत आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।

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