#यूटिलिटी
June 12, 2026
सावधान हिमाचल! अगले 24 घंटे फ्लैश फ्लड का अलर्ट, 5 जिलों में होगी भारी बारिश -तूफान
ब्यास किनारे ना जाने की सलाह, आ सकती है बाढ़
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश में प्री-मानसून की सक्रियता अब खतरे का रूप लेने लगी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों को प्रदेश के लिए बेहद संवेदनशील बताते हुए फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से शिमला और सिरमौर जिलों के कुछ क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ने और नालों-खड्डों में तेज बहाव आने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही प्रदेश के पांच जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज अंधड़ को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमाचल में अगले दो दिन तक मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक बना रह सकता है। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी-नालों के आसपास न जाने की अपील की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से लगातार मौसम खराब बना हुआ है। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई है, जबकि कई स्थानों पर ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने भी जनजीवन प्रभावित किया है।
यह भी पढ़ें : IND vs AFG: वनडे मैच पर बारिश का साया, इंद्रुनाग के दर पहुंचे अनुराग संग HPCA; मांगा आशीर्वाद
मौसम विभाग ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं तथा भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। वहीं ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और चंबा सहित अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक हुई बारिश ने कई क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। सोलन जिले के कसौली में सबसे अधिक 105 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। धर्मपुर में 86.6 मिलीमीटर, पालमपुर में 40 मिलीमीटर, सोलन में 34.6 मिलीमीटर, नाहन में 26.7 मिलीमीटर और शिमला में 20 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। हमीरपुर जिले के नेरी क्षेत्र में तेज अंधड़ ने भी लोगों को परेशान किया, जहां हवाओं की रफ्तार 81 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: ट्रैक्टर की चपेट में आने से 10 साल के मासूम की मौ*त, परिवार ने खो दिया लाडला बेटा
बारिश के साथ-साथ प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने सर्दियों जैसा एहसास भी कराया। कई ऊपरी क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि कुमारसैन और मलाणा सहित कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई। मौसम में आए इस बदलाव के कारण कई शहरों के न्यूनतम तापमान में छह डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। कुफरी, शिमला, पालमपुर और कुकुमसेरी जैसे क्षेत्रों में ठंड का असर फिर से महसूस किया जाने लगा है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 17 जून तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके चलते अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज होने की संभावना है। हालांकि 14 जून के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है, जिससे मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है।
यह भी पढ़ें : सीएम सुक्खू का ड्रीम प्रोजेक्ट ADB करेगा पूरा, दी मंजूरी; 2200 करोड़ से बदलेगी हिमाचल की तस्वीर
बारिश और ठंडी हवाओं के बाद प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों का मौसम बेहद सुहावना हो गया है। शिमला, मनाली, कुफरी और नारकंडा जैसे पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं और ठंडे मौसम का आनंद ले रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने पर्यटकों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
उधर, ब्यास नदी के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ पिघलने के कारण पंडोह डैम के निचले क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों के नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने लोगों को नदी किनारों, निचले इलाकों और बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। साथ ही फोटोग्राफी, घूमने-फिरने और अन्य गतिविधियों के लिए भी नदी के करीब न जाने की अपील की गई है।
मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों से मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने, नदी-नालों के समीप न जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। अगले 24 घंटे हिमाचल के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे में छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है।