शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आगामी 28 जून को कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक शुक्रवार को दोपहर 12 बजे प्रदेश सचिवालय शिमला में आयोजित होगी। बैठक में प्रदेश की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कई अहम विषयों पर चर्चा और निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

आपदा प्रबंधन पर होगा फोकस

बैठक में मानसून सीजन की दस्तक को देखते हुए आपदा प्रबंधन को लेकर गंभीर चर्चा प्रस्तावित है। प्रदेश के कई जिलों में हर वर्ष भारी बारिश, भूस्खलन, बादल फटने और सड़कों के अवरुद्ध होने जैसी समस्याएं आती हैं। ऐसे में कैबिनेट बैठक में एनडीआरएफए एसडीआरएफए पुलिस और लोक निर्माण विभाग के बीच बेहतर समन्वय की रणनीति बनाई जा सकती है। साथ ही, राहत और पुनर्वास के लिए पहले से फंड आवंटन, संसाधनों की उपलब्धता और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम की निगरानी को लेकर भी फैसले लिए जा सकते हैं।

 

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युवाओं को मिल सकती है राहत

28 जून को बुलाई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने को लेकर भी निर्णय लिए जाने की संभावना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस और ग्रामीण विकास विभागों में बड़ी संख्या में पद रिक्त चल रहे हैं, जिससे सरकारी सेवाओं पर असर पड़ रहा है। बैठक में भर्ती प्रक्रिया को तेज करने, अनुबंध और नियमित कर्मचारियों की स्थिति पर चर्चा हो सकती है। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।

 

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कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु बढ़ाने पर भी विचार

राज्य सरकार कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। मौजूदा समय में यह आयु सीमा 58 वर्ष है, जिसे संभवतः 60 वर्ष तक करने का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा जा सकता है। सरकार का मानना है कि अनुभवी और कुशल कर्मचारियों को सेवा में बनाए रखने से प्रशासनिक दक्षता और सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी। हालांकि, इस निर्णय पर विपक्ष और कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया भी देखने लायक होगी।

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आर्थिक समीक्षा और नई योजनाएं

इसके अलावा बैठक में राज्य की आर्थिक स्थिति की समीक्षा, केंद्र सरकार से लंबित बजट आवंटन, किसानों और बागवानों के लिए राहत पैकेज, और कुछ नई विकास योजनाओं की शुरुआत पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा हाल ही में की गई घोषणाओं पर अमल के लिए विभागीय प्रस्तुतिकरण भी लिए जा सकते हैं।

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