शिमला। हिमाचल प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ रही है- जिससे आम जनता की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। खाने-पीने की वस्तुओं से लेकर दैनिक जरूरतों की चीजें महंगी होती जा रही हैं। खासकर पर्व-त्योहारों के समय कीमतों में और अधिक उछाल देखा जाता है, जिससे लोगों का बजट बिगड़ रहा है। इसी बीच ताजा खबर हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से सामने आई है- जहां फूलों-फलों के दाम में पिछले कुछ दिनों से बढ़ गए हैं।
फलों के बढ़े दाम
दरअसल, चैत्र नवरात्र 2025 के आगमन से पहले शिमला में फलों की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है। पिछले 10 दिनों में फलों के दाम 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। नवरात्र के दौरान उपवास रखने वाले श्रद्धालु अधिकतर फलाहार पर निर्भर रहते हैं, जिससे फलों की मांग में तेजी आई है।
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मनमाने दाम वसूल रहे दुकानदार
त्योहारों के दौरान फलों की खपत अधिक होने के कारण विक्रेताओं द्वारा मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। खासकर मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले फलों की मांग बढ़ने से इनके दाम आसमान छू रहे हैं। कई इलाकों में दुकानदारों ने मूल्य सूची तक नहीं लगाई है, जिससे ग्राहकों को परेशानी हो रही है।
महंगे हो गए फल
शिमला की मुख्य सब्जी मंडी में फलों के दाम अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन संजौली, ढली, कसुम्पटी और पंथाघाटी जैसे उपनगरों में फलों की कीमत 10 से 20 रुपये अधिक वसूली जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकानदारों की मनमानी के कारण उन्हें महंगे दामों पर फल खरीदने पड़ रहे हैं।
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यहां देखें रेट लिस्ट
- सेब 260-120
- अंगूर 120 से 160
- अनार 150
- अमरूद 140
- संतरा 100
- पपीता 80
- खरबूजा 80
- केला 70
- तरबूज 30
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जेब पर पड़ रहा असर
फल खरीदने आईं शिक्षा वर्मा और शिवानी रचना ने बताया कि पिछले सप्ताह की तुलना में इस सप्ताह फलों के दाम काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। उपनगरों में 10 से 15 रुपये प्रति किलो अधिक कीमत पर फल बेचे जा रहे हैं, जिससे आम लोगों का बजट प्रभावित हो रहा है।
आम जनता को नहीं राहत
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि त्योहारों के दौरान आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण लगाया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। फिलहाल, नवरात्र से पहले ही महंगाई का असर दिखने लगा है और यदि प्रशासन ने सख्ती नहीं की, तो आने वाले दिनों में फलों के दाम और अधिक बढ़ सकते हैं।
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कब शुरू हो रहे नवरात्रि?
इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 29 मार्च, शनिवार को शाम 04:27 बजे शुरू होगी और 30 मार्च को दोपहर 12:49 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, चैत्र नवरात्रि 30 मार्च 2025 से आरंभ होगी।
बन रहा विशेष संयोग
इस बार पंचमी तिथि का क्षय हो रहा है, जिसके कारण महाष्टमी और महानवमी का विशेष संयोग बन रहा है। यानी चैत्र नवरात्रि इस बार केवल आठ दिनों की होगी।
अष्टमी पूजन और कन्या भोज- 5 अप्रैल, शनिवार
नवमी पूजन और राम नवमी- 6 अप्रैल, रविवार
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चैत्र नवरात्रि का महत्व
चैत्र नवरात्रि से ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। इन 9 दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। विशेष रूप से अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का महत्व होता है। चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। यह वर्ष के चार नवरात्रियों में से एक होती है और वसंत ऋतु में आती है, इसलिए इसे वसंत नवरात्रि भी कहा जाता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना की जाती है और यह नवसंवत्सर (हिंदू नववर्ष) की शुरुआत का प्रतीक भी है।
