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July 1, 2026

हिमाचल में आज से लागू हुआ केंद्र का VB-G RAM G Act, बढ़ गई श्रमिकों की दिहाड़ी; जानें कितनी

हिमाचल में 375 रुपए मिलेगी दिहाड़ी, रोजगार दिवस भी बढ़ाए

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Himachal Pradesh Labour News

शिमला। हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश में आज से ग्रामीण श्रमिकों के लिए एक नई व्यवस्था लागू हो गई है। केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G Act, 2025 के तहत अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी दरों में बड़ा बदलाव किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से नई राज्यवार मजदूरी दरें लागू कर दी हैं, जिसके बाद अब देशभर में ग्रामीण रोजगार योजनाओं के अंतर्गत काम करने वाले श्रमिकों को संशोधित दरों के अनुसार भुगतान मिलेगा।

नई मजदूरी दरें आज से लागू अधिसूचना जारी

ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के तहत यह नई व्यवस्था बुधवार से प्रभावी हो गई है। इसके साथ ही वर्षों पुरानी मजदूरी व्यवस्था की जगह नई राज्यवार दिहाड़ी प्रणाली लागू कर दी गई है। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और श्रमिकों की आय में सुधार आएगा।

 

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हिमाचल के श्रमिकों को कितना मिलेगा लाभ?

नई व्यवस्था में हिमाचल प्रदेश को विशेष महत्व दिया गया है। राज्य के सामान्य क्षेत्रों में कार्यरत अकुशल श्रमिकों को अब 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिलेगी, जबकि अनुसूचित क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों की दिहाड़ी 375 रुपये प्रतिदिन तय की गई है।

 

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इस प्रकार जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को सामान्य क्षेत्रों की तुलना में प्रतिदिन 75 रुपये अधिक मजदूरी का लाभ मिलेगा। प्रदेश के किन्नौर, लाहौल-स्पीति, पांगी और अन्य अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले हजारों श्रमिकों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

देशभर में लागू हुई नई राज्यवार मजदूरी व्यवस्था

केंद्र सरकार ने अलग-अलग राज्यों की आर्थिक स्थिति, श्रम लागत, भौगोलिक परिस्थितियों और जीवन-यापन के खर्च को ध्यान में रखते हुए नई मजदूरी दरें निर्धारित की हैं। नई सूची के अनुसार हरियाणा में सबसे अधिक 409 रुपये प्रतिदिन मजदूरी निर्धारित की गई है। इसके बाद गोवा में 406 रुपये और केरल में 401 रुपये प्रतिदिन की दर तय की गई है। पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी मजदूरी दरों में संशोधन किया गया है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है।

 

 

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रोजगार गारंटी भी बढ़ी, अब मिलेगा ज्यादा काम

नई योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रोजगार गारंटी में बढ़ोतरी को माना जा रहा है। पहले ग्रामीण परिवारों को रोजगार योजनाओं के तहत 100 दिनों तक काम की गारंटी मिलती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।

 

इसका मतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों को पहले की तुलना में 25 दिन अधिक रोजगार मिलने का अवसर प्राप्त होगा। यदि निर्धारित अवधि में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार रोजगार भत्ता देने का भी प्रावधान रखा गया है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि नई मजदूरी दरों और रोजगार अवधि में बढ़ोतरी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और मजदूरों की क्रय शक्ति में भी सुधार होगा। हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्य में, जहां बड़ी संख्या में लोग ग्रामीण रोजगार योजनाओं पर निर्भर रहते हैं, यह निर्णय हजारों परिवारों के लिए आर्थिक राहत लेकर आ सकता है।

 

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पहली जुलाई से लागू हुई नई व्यवस्था

ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार नई मजदूरी दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई हैं। अब देशभर में ग्रामीण रोजगार योजनाओं के अंतर्गत कार्य करने वाले श्रमिकों को संशोधित दरों के आधार पर भुगतान किया जाएगा। सरकार का मानना है कि विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा और श्रमिकों को बेहतर आर्थिक संरक्षण मिल सकेगा। हिमाचल प्रदेश सहित देशभर के लाखों ग्रामीण मजदूरों के लिए यह फैसला एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

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