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July 2, 2026

हिमाचल में मानसून की एंट्री के साथ 6 लोगों की मौ*त, आज इन 4 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

हिमाचल में भारी बारिश भूस्खलन मचाने लगे तबाही, लाहौल स्पीति में सबसे अधिक नुकसान

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himachal weather

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की एंट्री भारी मुसीबत लेकर आई है। प्रदेश में मानसून के आगमन के साथ ही तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मानसून की पहली ही बारिश ने छह लोगों की जान ले ली, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन, सड़क अवरोध, बिजली आपूर्ति बाधित होने और संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

 

मौसम विभाग ने आगामी सात दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। गुरुवार को भी कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

मानसून की पहली बारिश बनी जानलेवा

प्रदेश में मानसून के सक्रिय होते ही अलग-अलग हादसों में छह लोगों की मौत हो गई है। इनमें सड़क दुर्घटनाएं, करंट लगने की घटनाएं और पहाड़ी क्षेत्रों में फिसलने जैसी दुर्घटनाएं शामिल हैं। कई लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में कांगड़ा का नाम सामने आया है, जहां तीन लोगों की मौत दर्ज की गई है। इसके अलावा मंडी सहित अन्य जिलों में भी दुखद घटनाएं हुई हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण जोखिम भरी परिस्थितियां बनी हुई हैं।

 

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सड़कों पर बारिश का असर, कई मार्ग बंद

तेज बारिश के चलते प्रदेश में परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई सड़कें यातायात के लिए बाधित हो गई हैं। सबसे अधिक असर कुल्लू जिले में देखने को मिला है, जहां बड़ी संख्या में सड़कें बंद हुई हैं। मंडी, ऊना, सिरमौर और लाहुल-स्पीति जिलों में भी कई संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। लोक निर्माण विभाग की टीमें मशीनरी के साथ प्रभावित मार्गों को खोलने में जुटी हुई हैं ताकि लोगों को राहत मिल सके।

बिजली व्यवस्था चरमराई

बारिश ने बिजली व्यवस्था को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर बंद होने से कई गांवों और कस्बों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। कुल्लू जिला सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल है, जबकि सोलन, सिरमौर, मंडी और ऊना में भी विद्युत सेवाओं पर असर पड़ा है। बिजली विभाग की टीमें खराब ट्रांसफार्मरों और लाइनों को बहाल करने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं।

 

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करोड़ों का नुकसान, मकानों को भी क्षति

लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के कारण सरकारी विभागों को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। लोक निर्माण विभाग को करोड़ों रुपये की क्षति का प्रारंभिक आकलन किया गया है। सड़कों, पुलियों और अन्य ढांचागत सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर कच्चे मकानों को भी क्षति पहुंचने की सूचना मिली है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर रहा है।

पूरे प्रदेश में सक्रिय हुआ मानसून

बुधवार को मानसून ने पूरे हिमाचल प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया। राजधानी शिमला सहित कांगड़ा, मंडी, चंबा, बिलासपुर और अन्य जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कई क्षेत्रों में लगातार वर्षा के चलते भूस्खलन और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आने लगी हैं। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा और कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा होने की संभावना है।

 

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चार जिलों में आज ऑरेंज अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। इसके अलावा आगामी दिनों में भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। कुछ जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किए गए हैं, जिससे साफ है कि मानसून का असर अभी लंबे समय तक देखने को मिल सकता है।

लाहुल-स्पीति में भी बढ़ा खतरा

उच्च हिमालयी क्षेत्र लाहुल-स्पीति में भी मौसम का मिजाज खतरनाक बना हुआ है। हाल ही में जिस्पा क्षेत्र में बादल फटने जैसी घटना के बाद प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

 

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प्रशासन ने जारी की चेतावनी

लगातार बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन और राहत एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रदेश में मानसून की शुरुआत ने ही यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। ऐसे में लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

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