#यूटिलिटी

July 1, 2026

हिमाचल को 16वें वित्त आयोग से बड़ी सौगात, पहली किस्त में मिलेंगे 240 करोड़; पंचायतों की बल्ले-बल्ले

पंचायतों को पहले से अधिक धन उपलब्ध होगा

शेयर करें:

Himachal News

शिमला। हिमाचल प्रदेश की ग्राम पंचायतों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। 16वें वित्त आयोग के तहत प्रदेश को पहली किस्त के रूप में 240.50 करोड़ रुपये की अनुदान राशि मिलने जा रही है। इस बार केंद्र की ओर से अनुदान वितरण की व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है, जिससे प्रदेश की हजारों पंचायतों को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी।

पंचायतों को पहले से अधिक धन उपलब्ध होगा

दरअसल, इस बार सबसे बड़ा बदलाव पंचायतों के हिस्से में किया गया है। पहले जहां कुल अनुदान का 70 प्रतिशत हिस्सा ग्राम पंचायतों को मिलता था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 80 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे हिमाचल प्रदेश की 3,758 ग्राम पंचायतों के पास विकास कार्यों के लिए पहले से अधिक धन उपलब्ध होगा। अनुदान का वितरण पंचायतों की जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्रफल को आधार बनाकर किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : धर्मशाला MC: मेयर चुनाव से पहले तीन BJP पार्षदों पर अतिक्रमण का डंडा, कांग्रेस बिगाड़ सकती है समीकरण!

 

15वें वित्त आयोग की तुलना में इस बार मिलने वाली पहली किस्त में करीब 103 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यह अतिरिक्त राशि पंचायतों को स्थानीय विकास योजनाओं को गति देने में मदद करेगी। इसके साथ ही जिला परिषदों और पंचायत समितियों के हिस्से में भी पुनर्संतुलन किया गया है, ताकि ग्राम पंचायतों को अधिक वित्तीय अधिकार मिल सकें।

दो श्रेणियों में जारी की जाएगी राशि

हाल ही में पंचायत चुनाव संपन्न होने के बाद प्रदेश की सभी पंचायतों में नए जनप्रतिनिधि अपना कार्यभार संभाल चुके हैं। ऐसे समय में अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलने से विकास कार्यों की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है। पंचायतें स्थानीय जरूरतों के अनुसार विभिन्न योजनाओं को जल्द धरातल पर उतार सकेंगी।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: उल्टी करने कार से उतरी महिला, पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से मौ*त- साथ था परिवार

 

16वें वित्त आयोग से मिलने वाली राशि दो श्रेणियों में जारी की जाएगी। पहली टाइड ग्रांट होगी, जिसका उपयोग केवल निर्धारित कार्यों जैसे पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन जैसी योजनाओं पर किया जा सकेगा। दूसरी अनटाइड ग्रांट होगी, जिसे पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुसार खर्च कर सकेंगी।

बुनियादी सुविधाओं के विकास को मिलेगी गति

इस अनुदान से गांवों में पेयजल योजनाओं को मजबूत करने, सड़कों की मरम्मत और निर्माण, स्ट्रीट लाइट लगाने, सामुदायिक भवनों के रखरखाव, स्वच्छता अभियान तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास को गति मिलने की संभावना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और पंचायतों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 72 घंटे भारी बारिश का अलर्ट जारी 

 

विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायतों की हिस्सेदारी बढ़ाने का फैसला ग्रामीण स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं की बेहतर योजना बनेगी और उनका समय पर क्रियान्वयन भी संभव हो सकेगा। आने वाले समय में यह अतिरिक्त वित्तीय सहायता ग्रामीण विकास के नए अवसर पैदा कर सकती है।

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख