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July 10, 2026
HRTC पेंशनरों को बड़ी राहत : सुक्खू सरकार ने जारी किए 20 करोड़, खातों में पहुंच रहे पैसे
लगभग 8,500 पेंशनरों को मिलेगा लाभ
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शिमला। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम HRTCF के हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से पेंशन भुगतान में हो रही देरी से परेशान पेंशनरों को अब बड़ी राहत मिली है।
प्रदेश सरकार ने HRTC पेंशन भुगतान के लिए 20 करोड़ रुपये की विशेष ग्रांट जारी कर दी है। जिसके बाद कई जिलों में पेंशन की राशि पेंशनरों के बैंक खातों में पहुंचनी शुरू हो गई है।
समय पर पेंशन मिलने से उन हजारों बुजुर्ग कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है, जो हर महीने अपनी दैनिक जरूरतों, दवाइयों और पारिवारिक खर्चों के लिए इसी राशि पर निर्भर रहते हैं। लंबे समय बाद निर्धारित समय के आसपास पेंशन मिलने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों में संतोष और विश्वास दोनों देखने को मिल रहा है।
HRTC के पेंशनरों को पिछले लगभग दो वर्षों से हर महीने पेंशन मिलने में लगातार देरी का सामना करना पड़ रहा था। अधिकांश मामलों में पेंशन महीने के अंतिम सप्ताह या अंतिम दिनों में ही जारी होती थी। इस कारण हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारी आर्थिक परेशानी से जूझ रहे थे। नियमित आय का एकमात्र स्रोत पेंशन होने के कारण कई बुजुर्गों को घरेलू खर्च चलाने, बिजली-पानी के बिल जमा करने, बच्चों की सहायता करने और दवाइयों का खर्च उठाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
पेंशन भुगतान में लगातार हो रही देरी को लेकर HRTC पेंशनरों के प्रतिनिधिमंडल ने पिछले महीने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की थी। इस दौरान प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं और समय पर पेंशन जारी करने की मांग की।
CM सुक्खू ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि भविष्य में प्रत्येक माह 10 तारीख से पहले पेंशन जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। अब सरकार द्वारा 20 करोड़ रुपये की राशि जारी किए जाने के बाद यह आश्वासन अमल में आता दिखाई दे रहा है।
वर्तमान समय में एचआरटीसी के करीब 8,500 पेंशनर हैं। इन सभी की मासिक पेंशन पर लगभग 23 करोड़ रुपये का व्यय होता है। सरकार द्वारा जारी की गई 20 करोड़ रुपये की राशि से अधिकांश पेंशनरों के खातों में समय पर भुगतान संभव हो पाया है, जबकि शेष राशि भी नियमित वित्तीय प्रक्रिया के तहत उपलब्ध करवाई जाती है।
समय पर पेंशन मिलने का सबसे अधिक लाभ उन पेंशनरों को हुआ है जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं या जिनका इलाज सरकारी अथवा निजी अस्पतालों में चल रहा है। पेंशन में देरी होने के कारण कई बुजुर्गों को दवाइयां खरीदने, जांच करवाने और उपचार जारी रखने में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार उन्हें अपने परिवार या परिचितों से आर्थिक सहायता भी लेनी पड़ती थी। अब समय पर राशि मिलने से उनके उपचार में आने वाली आर्थिक बाधाएं काफी हद तक कम होंगी।
एचआरटीसी के अनेक सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी योगदान देते हैं। पेंशन समय पर मिलने से घरेलू बजट संतुलित रहेगा और मासिक खर्चों की बेहतर योजना बन सकेगी। इससे परिवारों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी कम होगा।
पेंशनरों ने सरकार द्वारा समय पर राशि जारी किए जाने का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि प्रत्येक महीने निर्धारित समय पर पेंशन मिलती रही तो बुजुर्ग कर्मचारियों का जीवन अधिक सम्मानजनक और आर्थिक रूप से सुरक्षित बन सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन ही नियमित आय का मुख्य स्रोत होती है। समय पर भुगतान से-