शिमला। हिमाचल प्रदेश के विधायकों को अब एक नई और विशेष पहचान मिलने जा रही है। प्रदेश के सभी 68 विधायक जल्द अपनी गाड़ियों पर ‘डिस्टिंक्ट फ्लैग’ यानी विशेष पहचान झंडी लगा सकेंगे। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर विधानसभा सचिवालय प्रशासन सभी विधायकों को यह विशेष झंडी जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
CS-ACS की तर्ज पर विधायकों को मिलेगी अलग पहचान
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि विधायकों की गाड़ियों पर लगने वाला डिस्टिंक्ट फ्लैग मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की गाड़ियों पर लगी विशेष पहचान झंडी की तर्ज पर होगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य विधायकों को एक अलग आधिकारिक पहचान देना है। खासकर नए विधायकों को इससे सुविधा मिलेगी, जिन्हें कई बार प्रदेश से बाहर या विभिन्न आधिकारिक कार्यक्रमों में अपनी पहचान बतानी पड़ती है। अब गाड़ी पर डिस्टिंक्ट फ्लैग लगने से उनकी पहचान आसानी से हो सकेगी।
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13वीं विधानसभा में हुआ था फैसला
स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि डिस्टिंक्ट फ्लैग देने का फैसला 13वीं विधानसभा के दौरान ही लिया गया था, लेकिन उस समय इसे लागू नहीं किया जा सका। अब मानसून सत्र समाप्त होने के बाद इस पुराने फैसले को अमलीजामा पहनाने का निर्णय लिया गया है। विधानसभा सचिवालय की ओर से जल्द ही इस संबंध में औपचारिक प्रक्रिया और अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद प्रदेश के सभी विधायकों को विशेष पहचान झंडी उपलब्ध कराई जाएगी।
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झंडी की मांग हुई पूरी
विधायकों को बीकन लाइट की सुविधा समाप्त होने के बाद से लंबे समय से विशेष झंडी देने की मांग उठती रही थी। बीते बजट सत्र में भी विधायकों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। उनका तर्क था कि जब मुख्य सचिव, वरिष्ठ सचिवों, डीसी और एसपी जैसे अधिकारियों की गाड़ियों को विशेष पहचान मिलती है तो निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। अब विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के बाद विधायकों की यह पुरानी मांग पूरी हो गई है। आने वाले दिनों में हिमाचल की सड़कों पर विधायकों की गाड़ियों पर डिस्टिंक्ट फ्लैग नजर आएंगे।
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विधानसभा में रोजगार का मुद्दा भी गरमाया
मानसून सत्र के अंतिम दिन सदन में रोजगार को लेकर भी सियासी माहौल गर्म रहा। नियम 130 के तहत चर्चा के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार दिसंबर 2026 तक 18 हजार सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल में एक लाख सरकारी नौकरियों के आंकड़े तक पहुंचेगी। वहीं विपक्ष ने बेरोजगारों और चुनावी गारंटियों के मुद्दे पर सरकार को घेरा। विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर बेरोजगारों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए सदन से वाकआउट भी किया।
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झंडी के साथ बढ़ेगी विधायकों की आधिकारिक पहचान
हिमाचल विधानसभा के इस फैसले के बाद प्रदेश के सभी 68 विधायकों को अब गाड़ी पर विशेष पहचान झंडी लगाने की सुविधा मिलेगी। विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक इसका मकसद किसी को विशेषाधिकार देना नहीं, बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को एक स्पष्ट और आधिकारिक पहचान प्रदान करना है। अब एक सप्ताह के भीतर विधानसभा सचिवालय की अधिसूचना और झंडियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हिमाचल के विधायक अपनी गाड़ियों पर डिस्टिंक्ट फ्लैग लगाते नजर आएंगे।
