#विविध
September 1, 2026
हिमाचल ने खोया अपना बहादुर जवान: दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया, पत्नी ने दिया अर्थी को कांधा
जवान को सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई, परिवार की चीखें सुन हर आंख हुई नम
शेयर करें:

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश ने आज अपना एक बहादुर जवान खो दिया। कांगड़ा जिले के लंज के रहने वाले 36 वर्षीय सीआईएसएफ जवान राहुल रंधावा का दिल्ली में अचानक निधन हो गया। ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी मौत की खबर जैसे ही पैतृक गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। राहुल रंधावा दिल्ली में तैनात थे और देश की सुरक्षा में अपनी सेवाएं दे रहे थे। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे उन्हें अचानक हृदयाघात हुआ। परिजनों के मुताबिक, हालत इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और उन्होंने दम तोड़ दिया।
लंज क्षेत्र से सटी डडोली पंचायत के अंबी गांव के राहुल रंधावा की उम्र महज 36 वर्ष थी। इतनी कम उम्र में उनके चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। जिस उम्र में बच्चे पिता का हाथ पकड़कर जिंदगी के सपने देखते हैं, उसी उम्र में राहुल के दोनों बच्चों के सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया। पिता की अचानक मौत की खबर ने परिवार और गांव को भीतर तक झकझोर दिया है।
यह भी पढ़ें : जयराम के 'सत्ता वापसी' दावे पर सुक्खू का तंज: "दिन में सपने देख रहे पूर्व CM, इस बार और घटेगी भाजपा की सीटें"
राहुल का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव अंबी पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। लंज और आसपास के क्षेत्रों से भी लोग अपने गांव के इस जवान को अंतिम विदाई देने पहुंचे। जिस जवान को लोग कुछ समय पहले तक हंसते-मुस्कुराते हुए देखते थे, आज उसी की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पूरा क्षेत्र उमड़ पड़ा। हर तरफ गम का माहौल था और परिवार की चीख-पुकार ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।
राहुल रंधावा की अंतिम यात्रा के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। राहुल की पत्नी ने अपने जीवनसाथी की अर्थी को कंधा दिया और उन्हें अंतिम विदाई दी। पति को अंतिम सफर पर विदा करते हुए पत्नी का यह भावुक दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक सके। जिस हाथ को जीवनभर साथ निभाने के लिए थामा था, उसी जीवनसाथी को अंतिम यात्रा पर विदा करने का यह पल बेहद मार्मिक था। पत्नी के इस साहस ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में मल्टी टास्क वर्करों की बदलेगी किस्मत, सीएम सुक्खू ने किया बड़ा ऐलान; बनेगी एक समान नीति
राहुल रंधावा का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया गया। देश की सेवा करने वाले सीआईएसएफ जवान को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और क्षेत्र के लोग मौजूद रहे। हर किसी ने नम आंखों से अपने गांव के इस जवान को अंतिम विदाई दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
राहुल के निधन के बाद उनके दो छोटे बच्चों की जिंदगी में ऐसा खालीपन पैदा हो गया है, जिसे शायद कभी भरा नहीं जा सकेगा। परिवार के लिए सबसे मुश्किल पल वह है जब बच्चों को यह एहसास होगा कि उनका पिता अब कभी वापस नहीं आएगा। 36 साल की उम्र में राहुल का यूं अचानक चले जाना परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं है। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरा क्षेत्र गहरे दुख में है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में पेंशनरों का फूटा गुस्सा: बोले-'हक मांग रहे-भीख नहीं'; सुक्खू सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
राहुल रंधावा ने सीआईएसएफ में रहकर देश की सेवा की। उनके निधन से जहां परिवार ने अपना सहारा खो दिया, वहीं गांव ने अपना एक ऐसा बेटा खो दिया जिस पर पूरे क्षेत्र को गर्व था। आज अंबी गांव में माहौल गमगीन है। एक ओर राहुल के असमय निधन का गहरा दुख है तो दूसरी ओर उनके देश के लिए दिए गए योगदान पर ग्रामीणों को गर्व भी है। राहुल रंधावा की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ और पत्नी द्वारा अर्थी को दिया गया कंधा इस दर्दनाक विदाई की ऐसी तस्वीर बन गया, जिसे वहां मौजूद लोग लंबे समय तक भुला नहीं पाएंगे।