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September 1, 2026
हिमाचल: उफनती नदी के बीच फंसे दो लोग, रेस्क्यू में तेज बहाव बना रोड़ा, अब हेलिकॉप्टर की लेंगे मदद
भैंसे चराने गया शख्स नदी में फंसा, बचाने उतरा युवक भी नहीं लौट सका वापस
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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश एक बार फिर लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगह पानी का बहाव इतना खतरनाक हो गया है कि लोगों की जान पर बन आ रही है। प्रशासन लगातार लोगों से नदी-नालों और खड्डों से दूरी बनाए रखने की अपील कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद लापरवाही भारी पड़ती दिखाई दे रही है।
ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सिरमौर जिले से सामने आया है। नाहन विकासखंड के बर्मा पापड़ी क्षेत्र में अचानक बढ़े नदी के जलस्तर के बीच दो लोग फंस गए। दोनों कई घंटों तक उफनती नदी के बीच जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे। पानी का बहाव इतना तेज था कि मौके पर पहुंची पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम भी तत्काल उन्हें बाहर नहीं निकाल सकी। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को अब हेलिकॉप्टर की मदद लेने का फैसला करना पड़ा।
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जानकारी के अनुसार बर्मा पापड़ी निवासी बनारसी दास मंगलवार को भैंस चराने के लिए नदी के आसपास गया था। इसी दौरान दोपहर बाद क्षेत्र में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते नदी का पानी बढ़ने लगा और बहाव बेहद तेज हो गया। पानी दोनों तरफ से तेजी से बहने के कारण बनारसी दास नदी के बीच फंस गया। उसने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के चलते उसके लिए सुरक्षित स्थान तक पहुंचना संभव नहीं हो पाया।
बनारसी दास को नदी के बीच फंसा देखकर एक अन्य व्यक्ति उसे बचाने के लिए आगे बढ़ा। हालांकि, नदी की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह भी वापस लौटने की स्थिति में नहीं रहा और बीच में ही फंस गया। इसके बाद दो अन्य ग्रामीणों ने भी साहस दिखाते हुए दोनों को बचाने की कोशिश की। दोनों ग्रामीण रस्सी के सहारे नदी में उतरे, लेकिन तेज बहाव ने उन्हें भी अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि उनके साथ रस्सी बंधी हुई थी, जिसके सहारे उन्हें समय रहते सुरक्षित बाहर खींच लिया गया।
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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों और जवानों ने दोनों लोगों को बाहर निकालने के लिए प्रयास शुरू किए, लेकिन नदी का जलस्तर लगातार ऊंचा होने और पानी की रफ्तार बेहद तेज होने के कारण सीधे रेस्क्यू करना जोखिम भरा साबित हुआ। करीब तीन घंटे तक दोनों लोग नदी के बीच फंसे रहे। शाम तक स्थिति सामान्य नहीं हुई तो प्रशासन के सामने चुनौती और बढ़ गई।
तेज बहाव को देखते हुए रेस्क्यू टीम भी नदी के अंदर जाकर जोखिम उठाने की स्थिति में नहीं थी। ऐसे में प्रशासन ने वैकल्पिक तरीके से दोनों को सुरक्षित निकालने की तैयारी शुरू की। हालात की गंभीरता को देखते हुए हेलिकॉप्टर मंगवाने का फैसला किया गया, ताकि नदी के बीच फंसे दोनों लोगों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। मौके पर पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी, नाले और खड्डें उफान पर हैं। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ने की घटनाएं लगातार सामने आती हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बार-बार लोगों को नदी-नालों के किनारे न जाने और तेज बहाव वाले पानी को पार करने की कोशिश न करने की सलाह दी जा रही है।
बर्मा पापड़ी की घटना एक बार फिर बताती है कि बारिश के दौरान सामान्य दिखाई देने वाला नदी का बहाव कुछ ही मिनटों में बेहद खतरनाक रूप ले सकता है। एक छोटी सी लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है।
बर्मा पापड़ी में नदी के बीच फंसे दोनों लोगों को निकालने के लिए जमीन पर चल रहा रेस्क्यू अभियान तेज बहाव के कारण मुश्किल में पड़ गया है। अब प्रशासन ने हेलिकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू की तैयारी की है। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं। उफनती नदी के बीच फंसे दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।