मंडी। 30 जून की रात हिमाचल के मंडी जिले के सराज क्षेत्र के लिए एक भयानक सपना बनकर आई। तेज बारिश, बर्फीले नालों का रौद्र रूप, और पहाड़ों से बरसता कहर- जिसने कई जिंदगियों को हमेशा के लिए बदल दिया। इस रात ने न जाने कितनों के घर छीन लिए, कितनों को अपनों से जुदा कर दिया। इस त्रासदी के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर हर दिन आपदा पीड़ितों का दर्द बांटने और राहत कार्यों में जुटने के लिए पहुंचे।
जयराम ठाकुर का भावुक दौरा
इसी कड़ी में अब बीते कल जयराम ठाकुर 11 महीने की मासूम निकिता से मिलने तलबाड़ा गांव पहुंचे। उन्होंने निकिता को गोद में उठाया, दुलार किया और एक निजी उपहार भी भेंट किया।
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निकिता के लिए लिखा...
इस मुलाकात के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक अत्यंत भावुक पोस्ट लिखी-
मासूम ने अभी "माँ" बोलना भी नहीं सीखा, लेकिन इसकी माँ अब इस दुनिया में नहीं रही। वो अब कभी अपने पिता की उंगली पकड़कर चलना नहीं सीखेगी, क्योंकि उसके पिता भी इस त्रासदी में हमेशा के लिए चले गए। प्राकृतिक आपदा ने सराज को कई ऐसे जख्म दिए हैं, जो जिंदगीभर नासूर बनकर रहेंगे। ऐसा ही दर्द सराज के तलवाड़ा की 10 माह की बच्ची नितिका का है। इस बिटिया ने अपने संसार को खो दिया है।
नहीं रखेंगे मासून को कोई कमी
आपदा के कारण मासूम के माता-पिता की असामयिक मृत्यु होने के बाद इसकी बुआ देखभाल कर रहीं हैं। आज इस मासूम से मिलकर दिल टूट सा गया है। बेटी की मासूम मुस्कान जैसे अंदर से वेदना को बयां कर रही हो, शायद बेटी को माँ का इंतजार हो।
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मन के भीतर से अपने माता-पिता को ढूंढ रही हो लेकिन अब वो कभी नहीं आएंगे जिससे बिटिया अनजान है। गोद में खिलखिलाती इस बच्ची को देखकर बाहर से सब कुछ सामान्य लग सकता है, लेकिन भीतर एक ऐसा सूनापन है, जो शब्दों से परे है। ये हमारे सराज की बेटी है, हम सभी इस मासूम को किसी भी बात की कमी नहीं रखेंगे।
11 महीने की बच्ची हुई अनाथ
विदित रहे कि, मंडी जिले की सराज घाटी इस बार मानसून की मार से सबसे ज्यादा प्रभावित रही है। मगर इस बर्बादी के बीच एक 11 महीने की मासूम बच्ची निकिता की कहानी पूरे प्रदेश को भावुक कर गई है।
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बाढ़ में बहा पूरा परिवार
गोहर उपमंडल के परवाड़ा गांव में आई फ्लैश फ्लड में जहां निकिता ने अपने माता-पिता और दादी को हमेशा के लिए खो दिया, वहीं वो खुद चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गई। अब वह अपनी चाची तारा देवी की गोद में पल रही है, जिसने उसे अपनी संतान की तरह पालने की जिम्मेदारी उठाई है।
नाले का बहाव मोड़ रहे थे तीनों
निकिता की मां, पिता और दादी- घर के पीछे से आए उफनते नाले के बहाव को मोड़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कुदरत के आगे किसी की नहीं चली। बहाव तेज हुआ और तीनों बह गए। अब तक सिर्फ नरेश कुमार का शव बरामद हुआ है, जबकि बाकी दो अभी तक नहीं मिले।
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सुबह रसोई से मिली निकिता
सुबह जब गांव वाले मलबे के बीच जीवन की कोई झलक तलाश रहे थे, तब किसी ने निकिता के रोने की हल्की सी आवाज सुनी। जब लोग घर के बचे-खुचे ढांचे तक पहुंचे, तो देखा कि मासूम रसोई में अकेली पड़ी है- सहमी, पर सुरक्षित। जैसे कोई अदृश्य शक्ति उसे बचा ले गई हो। निकिता को वहां से बाहर निकाला गया और तब से वह अपने परिजनों की गोद में है, लेकिन उसके जीवन से अब माँ की लोरी और पिता का स्पर्श हमेशा के लिए मिट चुका है।
चाची ने उठाई जिम्मेदारी
इस दर्दनाक खबर के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही देशभर से सैकड़ों लोगों ने निकिता को गोद लेने की पेशकश की। लेकिन बच्ची की चाची तारा देवी ने उसे अपने पास रखने का फैसला लिया है। तारा देवी और परिवार के अन्य सदस्यों ने साफ किया है कि वे निकिता को किसी अनजान हाथों में नहीं सौंपेंगे, बल्कि उसे घर के ही माहौल में प्यार और सुरक्षा के साथ बड़ा करेंगे।
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अब हम बन सकते हैं मददगार
निकिता को अस्थायी रूप से बल्ह की SDM स्मृतिका नेगी ने संरक्षण में लिया था। बाद में उसे उसकी चाची तारा देवी को सौंपा गया। प्रशासन की ओर से अब तक ₹25,000 की तत्काल आर्थिक सहायता दी जा चुकी है, जबकि और भी सहायता राशि जल्द ट्रांसफर की जा रही है।
प्रशासन ने बैंक अकाउंट खोला
निकिता के नाम से एक विशेष बैंक खाता खोला गया है, जिसमें सरकारी मुआवजा और सार्वजनिक दान जमा किए जाएंगे। यह पैसा निकिता की शिक्षा और भविष्य के लिए संरक्षित रहेगा और 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ही इसका उपयोग संभव होगा। इसकी निगरानी जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPO मंडी) द्वारा की जाएगी।
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कैसे करें मदद?
SDM ने बताया कि अब तक 150 से अधिक लोगों ने आर्थिक सहायता या अडॉप्शन के लिए संपर्क किया है। प्रशासन ने दो बैंक खातों की जानकारी साझा की है- जहां आम लोग भी दान कर सकते हैं:
हिमाचल प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड
- Account Number: 31710129093
- IFSC (बैंक से बैंक): HPSC0000317
- IFSC (Google Pay/Online): HPSC0000438
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पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
- Account Number: 0311000109067745
- IFSC: PUNB0031100
एक बच्ची, एक उम्मीद
निकिता आज भले ही अपनों से बिछड़ गई है, लेकिन समाज का साथ और चाची का प्यार उसकी नई ताकत बन गया है। प्रशासन की अपील है कि "लोगों का छोटा सा योगदान इस मासूम का संपूर्ण जीवन संवार सकता है।" निकिता अब सिर्फ एक परिवार की नहीं, पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी बन चुकी है।
