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March 13, 2026
मोदी सरकार ने बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए खोला खजाना, हिमाचल को मिली करोड़ों की राहत राशि
केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक, 1,912.99 करोड़ की सहायता मंजूर
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शिमला। आर्थिक तंगी और प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे हिमाचल प्रदेश के लिए केंद्र से राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र की मोदी सरकार ने वर्ष 2025 में आई भीषण बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के तहत पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश को भी करोड़ों रुपये की राहत राशि स्वीकृत की गई है, जिससे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जगी है।
दरअसल वर्ष 2025 में हिमाचल प्रदेश ने इतिहास की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना किया था। प्रदेश के कई जिलों में लगातार भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने व्यापक तबाही मचाई थी। इस भीषण आपदा में सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी, जबकि हजारों मकान, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था। सरकारी आकलन के अनुसार इस आपदा से प्रदेश को हजारों करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा था।
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इसी पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार ने आपदा प्रभावित राज्यों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में कुल 1,912.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता को मंजूरी दी गई है। यह राशि वर्ष 2025 के दौरान आई बाढ़, बादल फटने, भूस्खलन और चक्रवाती प्रभाव से हुए नुकसान की भरपाई के लिए जारी की जा रही है।
केंद्र सरकार द्वारा जारी विवरण के अनुसार इस राहत पैकेज में विभिन्न राज्यों को उनके नुकसान के आधार पर सहायता दी गई है। गुजरात को 778.67 करोड़ रुपये की सबसे अधिक राशि दी गई है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश को 341.48 करोड़ रुपये और जम्मू-कश्मीर को 330.34 करोड़ रुपये की मदद दी जाएगी। वहीं हिमाचल प्रदेश को 288.39 करोड़ रुपये की राहत राशि स्वीकृत हुई है। इसके अलावा नागालैंड को 158.41 करोड़ रुपये और छत्तीसगढ़ को 15.70 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
यह राशि राज्य आपदा मोचन कोष से पहले ही दी जा चुकी सहायता के अतिरिक्त है। केंद्र सरकार के अनुसार यह अतिरिक्त मदद राज्यों को आपदा के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, जलापूर्ति योजनाओं और अन्य बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करने में मदद करेगी। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और पुनर्वास कार्यों को तेज करने में भी यह राशि महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 की आपदा से हुए भारी नुकसान का विस्तृत आकलन करते हुए केंद्र सरकार को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का दावा भेजा हुआ है। इस दावे के आधार पर केंद्र की संयुक्त टीम पहले ही प्रदेश के कई आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हालात का निरीक्षण कर चुकी है।
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अब इस दावे पर आगे की प्रक्रिया के लिए नई दिल्ली में आगामी 19 मार्च को एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी हिमाचल सरकार द्वारा भेजी गई विस्तृत रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में प्रदेश सरकार के अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है, जहां आपदा के बाद की आवश्यकताओं और पुनर्निर्माण की जरूरतों पर विस्तार से चर्चा होगी।