ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में होटल के बाहर हुए गोलीकांड ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। अब इस मामले में एक अपडेट सामने आया है। मामले में पुलिस
टीम ने क्रॉस FIR दर्ज की है।
गोलीकांड के बाद जागा प्रशासन
वहीं, इस गोलीकांड ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। गोलीकांड को लेकर कानून व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जिल में बिगड़ते लॉ एंड ऑर्डर को लेकर DC ऊना जतिन लाल ने एक उच्च स्तरीय मीटिंग रखी। मीटिंग में उन्होंने कुछ कड़े फैसले लिए और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
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क्या लिए प्रशासन ने फैसले?
- क्विक एक्शन टीम का गठन
- जगह-जगह चेक पोस्ट
- 24*7 संवेदनशील स्थानों पर नजर
- 8 करोड़ के CCTV कैमरे होंगे इंस्टॉल
- रात 10 बजे तक ही खुलेंगे अहाते और ठेके
- अवैध खनन पर निगरानी
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आपको बता दें कि गोलीकांड के बाद DC ऊना जतिन लाल द्वारा SP ऊना अमित यादव समेत पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में इलाके में बढ़ रहे अपराधों की रोकथाम को लेकर चर्चा की गई और कई अहम निर्णय लिए गए।
ऊना टीम को सख्त निर्देश
गोलीकांड को लेकर DC ने पुलिस को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में जिन भी लोगों के खिलाफ शिकायत मिली हैं- तुरंत प्रभाव से उन सभी के हथियार जब्त कर लाइसेंस रद्द किए जाएं।
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युवा कांग्रेस नेता की हत्या
विदित रहे कि, लालसिंघी क्षेत्र में पेश आए सनसनीखेज गोलीकांड ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। एक निजी होटल के बाहर मामूली कहासुनी के शुरू हुए विवाद ने इस कदर हिंसक रूप ले लिया कि युवा कांग्रेस नेता आशु पुरी की मौके पर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई।
पुलिस के अनुसार, मामले में जिन लोगों पर हत्या और हथियार चलाने का आरोप है, वे सभी स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। आरोपी गुरजीत मान स्वयं कभी युवा कांग्रेस का ब्लॉक अध्यक्ष रह चुका है।
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कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटनाक्रम के बाद ऊना में राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक, हर तरफ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। होटल जैसे सार्वजनिक स्थान पर धमकियों से लेकर खुलेआम गोली चलने की घटना ने पुलिस की नाइट पैट्रोलिंग और निगरानी पर भी गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। स्थानीय लोग इसे आने वाले समय में बढ़ते राजनीतिक उग्रवाद का संकेत भी मान रहे हैं।
