हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिला हमीरपुर से संदिग्ध परिस्थितयों से लापता हुई सात साल की मासूम का कहीं कुछ पता नहीं चल पा रहा है। बच्ची को लापता हुए आठ दिन बीत चुके हैं और पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं।
रहस्यमयी ढंग से गायब हुई मासूम
आपको बता दें कि बड़सर उपमंडल के तहत आने वाली ग्राम पंचायत कड़साई के गांव कलवाड़ा से एक सात वर्षीय मासूम बच्ची रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई है। पिछले करीब आठ दिन से बच्ची का कोई सुराग न मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और दहशत का माहौल है।
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घर के बाहर खेल रही थी बच्ची
जानकारी के अनुसार यह सात साल की मासूम 15 अप्रैल को अपने घर के बाहर खेल रही थी। मगर अचानक बच्ची कहीं लापता हो गई। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी बच्ची का पता नहीं चला, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
CM सुक्खू के गृह जिले का मामला
ग्रामीणों और परिजनों ने अपने स्तर पर तलाश शुरू की, लेकिन असफलता हाथ लगने पर पुलिस को सूचित किया गया। CM सुक्खू का गृह जिला होने के कारण मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
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सर्च ऑपरेशन लगातार जारी
हैरानी की बात यह है कि बच्ची की तलाश में प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन परिणाम अभी भी शून्य है। घटनास्थल पर खोजबीन के लिए एक नहीं, बल्कि चार अलग-अलग विशेष टीमें तैनात की गई हैं। जिसमें बड़सर पुलिस की टुकड़ियां, राज्य आपदा मोचन बल के विशेषज्ञ, वन विभाग की टीम, स्थानीय स्वयंसेवक और ग्रामीण बच्ची की तलाश में जुटे हुए हैं।
ड्रोन के जरिए भी तलाश
इलाके की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए पुलिस ड्रोन के जरिए घने जंगलों और खड्डों की निगरानी कर रही है। NDRF और SDRF की टीमें संभावित हर उस कोने को खंगाल रही हैं जहां बच्ची के होने की आशंका है। मगर रहस्य गहराता जा रहा है कि आखिर मासूम गई तो गई कहां।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
एक तरफ जहां सुरक्षा एजेंसियां जंगलों की खाक छान रही हैं, वहीं दूसरी तरफ मासूम के माता-पिता गहरे सदमे में हैं। घर के आंगन में पसरा सन्नाटा और परिजनों की आंखों से बहते आंसू हर किसी को झकझोर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलने के बावजूद कोई सार्थक परिणाम न निकलना बेहद चिंताजनक और हैरान करने वाला है।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी?
DSP बड़सर लालमन शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने के लिए हर संभव एंगल से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ जुटी हुई हैं।
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हम मानवीय और तकनीकी दोनों तरीकों से सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। हम जनता से भी अपील करते हैं कि यदि कोई भी संदिग्ध जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
उम्मीद की किरण
जैसे-जैसे समय बीत रहा है, लोगों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। पूरे हिमाचल की नजरें अब हमीरपुर के इस गांव पर टिकी हैं। प्रशासन और स्थानीय लोग अभी भी इस उम्मीद में हैं कि कोई चमत्कार होगा और यह सात वर्षीय मासूम सुरक्षित अपने घर लौट आएगी।
