#अपराध

June 7, 2026

हिमाचल में पंजाब से चल रहा चिट्टा नेटवर्क ध्वस्त : 19 गिरफ्तार, पुलिस रडार पर 184 लोग

एक साल में करीब 80 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं

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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश को चिट्टा मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कांगड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा शुरू किए गए एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन के अंतर्गत कांगड़ा पुलिस ने 'ऑपरेशन नया सवेरा' चलाकर अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

पंजाब से संचालित हो रहा था नेटवर्क

इस कार्रवाई में पुलिस ने 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 167.18 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन पंजाब के जालंधर निवासी अभिषेक साहोता कर रहा था। उसने कांगड़ा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चिट्टा वितरण के कई केंद्र स्थापित कर रखे थे, जहां से नशे की नियमित आपूर्ति की जाती थी।

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इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कांगड़ा पुलिस ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ में समन्वित छापेमारी अभियान चलाया। अभियान के दौरान नेटवर्क से जुड़े प्रमुख सहयोगियों, वितरकों, कूरियर और आपूर्तिकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।

23 NDPS मामले दर्ज

पुलिस के अनुसार इस गिरोह से जुड़े कुल 23 मामले NDPS अधिनियम के तहत दर्ज किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान 167.18 ग्राम चिट्टा, 18 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा एक मालवाहक वाहन भी जब्त किया गया है।

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गत 5 जून को गौरव साहोता, हनी पुत्र सोमनाथ और हनी कुमार पुत्र ऋषि कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि हनी कुमार नेटवर्क के मुख्य आपूर्तिकर्ताओं में शामिल था और वह लगातार हेरोइन की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा था।

80 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन

वित्तीय जांच के दौरान पुलिस को पिछले एक वर्ष में करीब 80 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। इनमें जनवरी 2026 से अब तक लगभग 39 लाख रुपये के लेन-देन शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इस आर्थिक नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही है।

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पुलिस रडार पर 184 लोग

इस अभियान का एक महत्वपूर्ण सामाजिक पक्ष भी सामने आया है। जांच के दौरान पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े 184 चिट्टा उपभोक्ताओं की पहचान की है। जिला प्रशासन के सहयोग से इन लोगों के लिए परामर्श, नशामुक्ति उपचार, पुनर्वास और फॉलोअप सहायता कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चिट्टा तस्करों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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