शिमला। हिमाचल प्रदेश में आए दिन बच्चियों, युवतियों और महिलाओं के साथ होने वाले यौन अपराधों से जुड़े ढेरों मामले सामने आते हैं। इन मामलों में पीड़िताओं को इंसाफ पाने के लिए लंबे वक्त तक इंतजार करना पड़ता है। मगर हिमाचल की राजधानी शिमला में कोर्ट ने लगभग दस महीने की सुनवाई के बाद नाबालिग के साथ नीचता करने वाले आरोपी को कठोर कारावास की सजा सुना दी है।
नाबालिग के साथ की नीचता
यह मामला 23 नवंबर, 2024 को रामपुर के एक गांव से सामने आया था। नाबालिग लड़की अपनी मां के साथ शादी समारोह में गई हुई थी। आरोपी पीड़िता को शादी वाले घर से अपने साथ गाड़ी में बैठा कर ले गया था।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : जागरण में गया था परिवार, घर पर नौकर ने अलमारी पर फेरा हाथ; पत्नी संग हुआ अरेस्ट
बच्ची ने मां को बताया सच
मामले का खुलासा तब हुआ जब लड़की ने पूरी घटना अपनी मां को बताई। 14 वर्षीय बच्ची ने बताया कि 35 वर्षीय रोशन लाल उसे अपने साथ गाड़ी में अपने घर ले गयाल था। जहां पर उसने उसके साथ तीन-चारर बार जबरदस्ती गंदा काम किया।
मां के उड़े होश
फिर अगली सुबह 5 बजे आरोपी ने पीड़िता को घर के पीछे छोड़ दिया। इस दौरान आरोपी ने उसे किसी से कुछ ना बताने की जान से मारने की धमकी दी। बच्ची की बात सुनते ही मां के पैरों तले जमीन खिसक गई।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : बड़ी डील करने जा रहे थे दो यार, कार की सीट के नीचे छुपाई थी लाखों की चरस
थाने पहुंची बच्ची की मां
इसके बाद बच्ची की मां अपनी बेटी को लेकर थाने पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज करवाई। मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए पुलिस टीम ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी।
कोर्ट पहुंचा मामला
मामले में चार्जशीट दायर की गई और मामला कोर्ट पहुंचा। जहां पर सुनवाई चली और मुकदमे के दौरान कोर्ट में 17 गवाहों को पेश करने, सभी दलीलों को सुनकर अदालत ने रोशन लाल को दोषी पाया। दोषी की पहचान रोशन लाल के रूप में हुई- जो कि डोबराथाना गांव, कमारसैन, शिमला का रहने वाला है।
यह भी पढ़ें : कुल्लू दशहरा में 365 साल बाद ये देवता साहिब होंगे शामिल, 200 KM की पैदल यात्रा करेंगे तय
दोषी को मिली कठोर सजा
अब बीते कल अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) किन्नौर ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले रोशन लाल को कठोर सजा सुनाई है। कोर्ट ने पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत दोषी को 20 साल के कठोर कारावास के साथ दस हजार रुपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। वहीं, जुर्माना ना देने पर सजा की वृद्धि का भी प्रावधान किया गया है।
