मंडी। कांग्रेस के नेता और बिलासपुर सदर से पूर्व विधायक बंबर ठाकुर पर जानलेवा हमले के तीन आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को कुछ चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। बताया जा रहा है कि हमले के आरोपी दोनों शूटर्स को अपनी बोलेरो से बिलासपुर लाने वाला रितेश राणा की एक अन्य आरोपी मंजीत नड्डा के साथ करीबी दोस्ती थी। पुलिस को शक है कि बंबर ठाकुर पर पहले भी एक बार हमला कर चुका सौरभ पटियाल इस पूरे मामले में मास्टरमाइंड हो सकता है।
पुलिस की अभी तक की जांच में पता चला है कि हमले से पहले शूटरों ने शराब पी रखी थी। यह शराब उन्होंने बिलासपुर के एक ठेके से शुक्रवार को करीब 12 बजे खरीदी थी। इसके अलावा गाड़ी चालक रोहित और रितेश राणा भांग के नशे में भी थे। दोनों आरोपित मनजीत नड्डा के करीबी दोस्त बताए जा रहे हैं। मंजीत नड्डा बजरंग दल का प्रांत प्रमुख बताया जाता है।
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सौरभ पटियाल को लगी थी गोली
पुलिस जांच में बाहर आया सबसे अहम नाम सौरभ पटियाल का है। सौरभ पटियाल वही है, जिसे बीते साल बिलासपुर कोर्ट परिसर में गोली मारी गई थी। इस घटना के बाद बंबर ठाकुर के बेटे को गिरफ्तार किया गया था। हमले की साजिश में सौरभ पटियाल की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। वह इस हमले का मास्टरमाइंड हो सकता है। बंबर ठाकुर और सौरभ पटियाल की दुश्मनी जगजाहिर है। सौरभ को इसी साल जनवरी में बिलासपुर जिले के घुमारवी के जंगल में शूटिंग की प्रैक्टिस करते एक अन्य युवक के साथ गिरफ्तार किया गया था।
हरियाणा के शूटरों के आधार कार्ड बरामद
पुलिस ने हरियाणा के दो शूटरों के आधार कार्ड बरामद किए हैं। दोनों शूटर हरियाणा के रोहतक जिले से संबंधित हैं। हिमाचल पुलिस ने इस मामले में रोहतक पुलिस से भी जानकारी मांगी है ताकि हमलावरों की पूरी पृष्ठभूमि स्पष्ट हो सके। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स की बारीकी से जांच कर रही है ताकि हमले की साजिश में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा सके।
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आगे हो सकते हैं बड़े खुलासे
इस फायरिंग कांड में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस की टीम हर संभावित सुराग को खंगाल रही है और जल्द ही इस मामले में और अहम खुलासे हो सकते हैं।
अलग-अलग रास्तों से भागने की कोशिश
पुलिस जांच में पता चला है कि दो शूटरों ने पहले मनाली भागने की योजना बनाई थी। बाद में एक शूटर ने मनाली से चंडीगढ़ का रास्ता पकड़ा और दूसरा गलती से रिवालसर जाने वाली बस में चढ़ गया। थोड़ी देर बाद जब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ, तो वह बीच रास्ते में स्कूल बाजार के पास उतर गया। वहां से कहां गए कोई पता नहीं चल पाया है।
