शिमला (वैभव त्रिपाठी)। हिमाचल की राजधानी शिमला पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को अरेस्ट किया है, जो खुद को सीआईडी अफसर बताकर लोगों को ठगने का काम करता था। शुक्रवार को उसने एक बुजुर्ग से लिफ्ट मांगकर उससे 29 हजार रुपए ठगे थे। पुलिस ने आरोपी मिथुन से ठगी के पूरे पैसे बरामद किए हैं। मिथुन कोटखाई में रहता है। वह अक्सर IGMC में भर्ती मरीजों के परिजनों को निशाना बनाता था।
लिफ्ट देकर शिकारी हुआ शिकार
पुलिस ने बताया कि 63 वर्षीय हरीलाल अपनी पत्नी को इलाज के लिए IGMC लेकर आए थे। 11 अप्रैल को जब वे सामान खरीदने निकले तो रास्ते में एक युवक ने उनसे लिफ्ट ली। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को सीआईडी अफसर बताया और हरीलाल को झांसा देकर 29 हजार रुपए हड़प लिए। इसके बाद युवक ने हरीलाल को कार से बाहर धकेल दिया और फरार हो गया।
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सीसीटीवी फुटेज से पहचाना
इसके बाद हरीलाल ने घटना की शिकायत शिमला सदर थाने में की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 307 में मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। पुलिस को आरोपी मिथुन की हरकतों पर पहले से ही नजर थी। IGMC अस्पताल के आसपास से एक ठग की कुछ शिकायतें पुलिस को पहले भी मिल चुकी थीं। खुफिया सूचनाओं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस कुछ ही घंटे में मिथुन को धर दबोचा।
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हमदर्द बनकर दर्द दे जाता था
आरोपी मिथुन के खिलाफ पहले भी चोरी और ठगी के मामले दर्ज हैं। पुलिस की पूछताछ में मिथुन ने बुजुर्ग से ठगी की बात कबूल कर ली। पुलिस का कहना है कि मिथुन IGMC में इलाज कराने आए लोगों का पहले तो हमदर्द बनता था। फिर उन्हें सीआईडी का अफसर बनकर झांसा देता था। कई बार उसने लोगों को धमकाकर भी पैसे वसूले हैं। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और माना जा रहा है कि उससे शिमला में और भी कई ठगी के मामलों का राज खुल सकता है।
