शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के रामपुर में ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया। 13 वर्षीय छात्रा कविता, जो रोज की तरह स्कूल से घर लौट रही थी, रास्ते में अचानक पैर फिसलने से काल का ग्रास बन गई। एक पल की चूक ने परिवार की दुनिया उजाड़ दी।

स्कूल से लौटते वक्त हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार काशापाठ क्षेत्र के दामिनी गांव की कविता पुत्री बिट्टू छुट्टी के बाद अपने घर की ओर पैदल लौट रही थी। गांव तक पहुंचने के लिए उसे संकरे और ढलान वाले रास्ते से गुजरना पड़ता था। बताया जा रहा है कि रास्ते में अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह फिसलकर नीचे जा गिरी। गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर तुरंत मौके पर पहुंचने की कोशिश की और परिजनों को सूचना दी, लेकिन चोट इतनी गंभीर थी कि उसे बचाया नहीं जा सका।

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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

कविता की असमय मौत ने परिवार को भीतर तक झकझोर दिया है। मां-बाप की आंखों के सामने उनकी नन्ही बेटी की जिंदगी यूं खत्म हो जाएगी, किसी ने सोचा भी नहीं था। गांव में मातम पसरा हुआ है। हर घर में इस घटना की चर्चा है और हर आंख नम है। स्कूल के शिक्षक और सहपाठी भी सदमे में हैं। गांव की गलियों में सन्नाटा है, जहां कल तक कविता की हंसी गूंजती थी।

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जोखिम भरे रास्तों पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के खतरनाक और फिसलन भरे रास्तों की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात और सर्दियों के मौसम में ये रास्ते और भी ज्यादा जोखिम भरे हो जाते हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील और ढलान वाले मार्गों पर सुरक्षा रेलिंग, पक्के रास्ते और चेतावनी संकेत लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

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