बिलासपुर। नैना के परिवार ने कभी यह नहीं सोचा था कि उनकी बेटी एक अचानक ऐसा कोई कदम उठाएगी कि सभी के हिस्से में गम के सिवा और कुछ नहीं आएगा। सोलह साल की नैना अपने परिवार के साथ झंडूता विधानसभा क्षेत्र के तहत बरठीं में एक किराए के मकान में रहती थी। मंगलवार को उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

 

नैना ने यह खतरनाक कदम क्यों उठाया, यह किसी को नहीं मालूम। जैसे ही उसके परिजनों ने बेटी को पंखे में लटके देखा तो बहदवासी की हालत में उसे उठाकर बरठीं अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

यूपी की रहने वाली थी नैना

नैना (16) पुत्री सतीश कुमार मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली थी। उसका परिवार मजदूरी करने हिमाचल प्रदेश आया था। वह  त्रिमूर्ति मंदिर के पास स्थित किराए के मकान में परिवार के साथ रह रही थी।

 

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परिजनों और मुहल्ले में पूछताछ

मामले की सूचना मिलने पर पुलिस थाना तलाई की टीम मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए नैना के परिजनों से पूछताछ कर रही है। हालांकि, अभी तक उसे आत्महत्या के कारणों का पुख्ता रूप से पता नहीं चला है। पुलिस ने नैना के दोस्तों और आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए हैं।

 

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साक्ष्य जुटा रही है पुलिस

पुलिस थाना प्रभारी तलाई विनोद कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम मौके पर भेज दी गई है और आगामी कार्रवाई जारी है।

युवाओं में बढ़ती खुदकुशी से फिर उपजे सवाल

यह घटना एक बार फिर समाज में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े करती है। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने और समय रहते मदद लेने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिप्रेशन, मानसिक तनाव और अन्य सामाजिक दबावों के कारण युवा इस तरह के कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं।

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