बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में दिवाली की रात जब प्रदेशभर में दीपों की रौशनी छाई हुई थी, उसी समय हिमाचल के बिलासपुर जिले के स्वारघाट क्षेत्र में एक हृदय विदारक और शर्मनाक दृश्य सामने आया। दो दिन से नेशनल हाईवे किनारे खड़ा एक यूपी नंबर का ट्रक, जो देखने में सामान्य आलू से भरा हुआ लग रहा था, दरअसल गोपनीय रूप से गोवंश तस्करी का ज़रिया बना हुआ था।

 

जैसे ही ट्रक का दरवाजा खोला गया, अंदर का मंजर देख स्थानीय लोगों और गोरक्षक दल के होश उड़ गए। अंदर कई गायें भरी हुई थीं, जिनमें से 14 की दम घुटने से मौत हो चुकी थी, जबकि दो जिंदा मिलीं। टैंकर के भीतर मवेशियों को बुरी तरह से ठूंसा गया था और उनके नीचे रेत बिछाई गई थी, जिससे वे बाहर से नजर न आएं।

 

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आलू की बोरियों से ढका था ट्रक

सूचना के अनुसार यह ट्रक पिछले दो दिनों से सीमा क्षेत्र घड़ीरी के पास खड़ा था, जो बिलासपुर और सोलन की सीमा पर स्थित है। ट्रक के पीछे आलू की बोरियां भरी गई थीं, ताकि लोगों को लगे कि वाहन सब्जियों से लदा हुआ है। परंतु इस दिखावे के नीचे गायों की तस्करी का अमानवीय खेल चल रहा था।

स्थानीय लोगों की सतर्कता से हुआ खुलासा

स्थानीय नागरिकों ने ट्रक की संदिग्ध स्थिति को भांपते हुए गोरक्षक दल को सूचित किया। गोरक्षक दल ने मौके पर पहुंच कर जब जांच की, तो टैंकर के अंदर भरे गोवंश को देख सन्न रह गए। सूचना तुरंत पुलिस और पशुपालन विभाग को दी गई। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल ने मौके पर पहुंचकर पुष्टि की कि अधिकांश मवेशियों की मौत दम घुटने से हुई है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मवेशियों को ट्रक में ठूंसकर भरना और उन्हें ऑक्सीजनविहीन स्थिति में रखना, सीधे.सीधे पशु क्रूरता अधिनियम और गोरक्षा कानूनों का उल्लंघन है।

 

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गोरक्षक दल का आरोप

गोरक्षक दल के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश से चलकर आने वाली कई गाड़ियां हिमाचल की सीमाओं से गोकशी के लिए गोवंश तस्करी कर रही हैं। इस ट्रक पर भी पहले कई बार चालान दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में यह दूसरी बड़ी घटना है, जब गोरक्षा कानूनों को ठेंगा दिखाते हुए, पेट्रोल या सब्जी से भरे टैंकरों में गायों को छिपाकर ले जाया जा रहा है।

 

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घटना के सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और गोरक्षक संगठनों ने राज्य सरकार पर नाराजगी जाहिर की। लोगों ने कांग्रेस सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए और आरोप लगाया कि प्रदेश में गोशालाओं की हालत बेहद खराब है। सड़कों पर बेसहारा गायें भटक रही हैं, और गोरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।

क्या कहती है प्रशासन और पुलिस

फिलहाल पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। ट्रक मालिक और चालक की तलाश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला गंभीर है और इसमें गोकशी, पशु क्रूरता और तस्करी से संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

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जांच की मांग

गोरक्षा दल और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने मांग की है कि हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर यूपी नंबर की सभी गाड़ियों की सघन जांच की जाए। इससे पहले कि कोई और इस प्रकार की घटना दोहराए, समय रहते सुरक्षा और निगरानी को सख्त करना ज़रूरी है।

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