शिमला। हिमाचल प्रदेश में 6 साल पहले सामने आए 181 करोड़ के स्कॉलरशिप घोटाले की जांच कर रही CBI ने अपने ही एक बड़े अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच बिठा दी है। आरोपी अधिकारी डीएसपी स्तर का है। उसके खिलाफ स्कॉलरशिप घोटाले में फंसे संस्थानों से रिश्वत लेने की शिकायत मिली थी।

 

बलबीर सिंह नाम का यह अधिकारी शिमला में पदस्थ था। स्कॉलरशिप घोटाले की जांच वही कर रहा था। बताया जाता है कि बलबीर सिंह ने घोटाले में लिप्त शैक्षणिक संस्थानों से मिलीभगत की और उनसे रिश्वत मांगी।

 

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इस बात की शिकायत मिलने के बाद बलबीर सिंह को जांच से हटा दिया गया। बाद में रिश्वतखोरी के एक अलग मामले में उसे चंडीगढ़ CBI ने गिरफ्तार भी किया गया था। 

 

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शिमला में तैनाती के समय के मामलों की जांच

अब CBI ने बलबीर सिंह के शिमला में तैनाती के समय उन सभी मामलों की जांच शुरू कर दी है, जो बलबीर सिंह के पास थे। उनमें स्कॉलरशिप घोटाले का मामला भी शामिल है। विभागीय जांच में स्कॉलरशिप घोटाले से जुड़े मामलों पर CBI खास ध्यान दे रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश में है कि बलबीर सिंह ने अकेले रिश्वत ली या उसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा था। 

 

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ईडी अफसर के खिलाफ भी शिकायतें

CBI के अलावा ईडी भी स्कॉलरशिप घोटाले की जांच कर रही है। लेकिन मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही ईडी के शिमला में पदस्थ अधिकारी विशाल दीप के खिलाफ भी वसूली की शिकायत मिली थी। विशाल दीप सहायक निदेशक स्तर का अधिकारी है। बाद में CBI ने उसे भी 55 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।

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