कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में नशे का संकट किस हद तक घरों को खोखला कर रहा है, इसका दिल दहला देने वाला मामला कांगड़ा जिला के देहरा में देखने को मिला। यहां पुलिस ने एक महिला को चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया। जब पुलिस ने मामले की जांच की तो एक ऐसी कहानी उजागर हुई, जिसने ना सिर्फ पुलिस को स्तब्ध कर दिया, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि नशे का यह दलदल अब परिवारों को भीतर से किस कदर निगल रहा है।

महिला के पास मिला नशा

दरअसल देहरा में पुलिस ने देहरा-ज्वालामुखी सड़क पर तलाई कुरु के पास ही नाकाबंदी की हुई थी। इस दौरान एक महिला की हरकतों पर पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने महिला को रोका और उसकी शक के आधार पर तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को महिला के पास से 7 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। शुरुआती पूछताछ में महिला ने जो स्वीकार किया, उसने सभी को हैरान कर दिया।

 

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बेटे के लिए खरीदा था नशा

चिट्टे के साथ पकड़ी गई महिला मूल रूप से जालंधर (पंजाब) की रहने वाली है और कई वर्षों से अपने परिवार के साथ ज्वालामुखी में रह रही है। महिला ने बताया कि वह यह नशा किसी तस्कर को देने के लिए नहीं, बल्कि अपने ही बेटे की लत को पूरा करने के लिए लाई थी।

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जालंधर से 10 हजार में खरीदा था चिट्टा

पुलिस के अनुसार सख्त पूछताछ में महिला ने कबूल किया कि उसका बेटा लंबे समय से चिट्टे का शिकार है और उसकी लत इतनी बढ़ चुकी है कि वह रोजाना नशा मांगता है। बेटे की तड़प और दबाव के आगे झुककर महिला खुद पंजाब के जालंधर गई और लगभग 10,000 रुपये खर्च कर चिट्टा खरीद लाई, ताकि उसका बेटा डोज़ ले सके। यह खुलासा नशे के भयावह संसार की वह तस्वीर पेश करता है, जहां एक मां भी अपने बच्चे को अंधकार से बाहर निकालने की जगह अनजाने में उसी खाई की ओर धकेलने लगती है।

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पुलिस कर रही मामले की जांच

देहरा पुलिस ने महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या महिला सिर्फ अपने बेटे के लिए ही नशा ला रही थी या किसी बड़े नशा नेटवर्क से उसकी कड़ी जुड़ी हुई है। यह घटना एक बार फिर इस सच्चाई को उजागर करती है कि नशे का कारोबार सिर्फ युवाओं को ही नहीं, पूरे परिवारों को धीरे-धीरे तबाह कर देता है और कई बार अपनों को बचाने के प्रयास ही उन्हें और गहरे दलदल में धकेल देते हैं।

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