बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने न केवल इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि समाज में पैठ बना चुकी दहेज जैसी कुप्रथा के घिनौने चेहरे को भी बेनकाब कर दिया है। यहां दहेज के लोभी लोगों ने न केवल एक मासूम बेटी के अरमानों को तार.तार किया, बल्कि एक पिता की बरसों की मेहनत और मान-मर्यादा को भी सरेआम बाजार में उछाल दिया।
महज चंद सुख-सुविधाओं की खातिर एक दूल्हा और उसका परिवार इस कदर गिर गया कि उन्होंने शादी से ठीक एक दिन पहले दुल्हन के पिता के सामने ऐसी मांग रख दी, जिसने खुशियों के घर को मातम के सन्नाटे में बदल दिया।
शादी की खुशियों के बीच छाया मातम
जिस घर में बेटी की शादी की खुशियां गूंज रही थीं, वहां अचानक मातम जैसा माहौल छा गया। आरोप है कि शादी से ठीक एक दिन पहले दूल्हे पक्ष ने दहेज में आलीशान फ्लैट और लग्जरी गाड़ी की मांग रख दी। जब लड़की का परिवार इतनी बड़ी मांग पूरी नहीं कर पाया तो लालच में अंधा दूल्हा बारात लेकर ही नहीं पहुंचा।
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बरसों की जमा-पूंजी बेटी की शादी में लगा दी
जानकारी के अनुसार बिलासपुर शहर के मेन मार्केट निवासी नरेंद्र पंडित ने अपनी बेटी की शादी के लिए वर्षों की मेहनत और जमा.पूंजी दांव पर लगा दी थी। बेटी का रिश्ता झंडूता क्षेत्र के जसपाल निवासी युवक के साथ तय हुआ था और 10 मई 2026 को शादी होनी थी। परिवार में लंबे समय से शादी की तैयारियां चल रही थीं। रिश्तेदारों और मेहमानों को निमंत्रण भेजे जा चुके थे। शादी समारोह के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए थे और घर में बेटी की विदाई की तैयारियां अंतिम चरण में थीं।
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रोका से लेकर शादी तक निभाया हर फर्ज
पीड़ित परिवार का आरोप है कि रिश्ता तय होने के बाद से उन्होंने लड़के वालों का पूरा सम्मान किया। रोका समारोह में सोने.चांदी के आभूषण और कई महंगे उपहार भी दिए गए। लेकिन शादी से ठीक एक दिन पहले पहले अचानक लड़के पक्ष की ओर से आलीशान फ्लैट और लग्जरी कार की मांग रख दी गई। लड़की के पिता ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इतनी बड़ी मांग पूरी करने में असमर्थता जताई, लेकिन कथित तौर पर दूल्हे पक्ष ने कोई नरमी नहीं दिखाई।
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पिता गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन नहीं आई बारात
आरोप है कि मांग पूरी न होने पर दूल्हे पक्ष ने बारात लाने से साफ इनकार कर दिया। बेटी का पिता लगातार संपर्क कर हाथ जोड़ता रहा, लेकिन किसी ने उसकी एक नहीं सुनी। जिस बेटी ने दुल्हन बनने के सपने सजाए थे, वह शादी का जोड़ा पहनने से पहले ही टूट गई। घर में सजे मंडप और रिश्तेदारों की भीड़ के बीच अचानक सन्नाटा पसर गया। परिवार को आर्थिक नुकसान के साथ.साथ गहरा मानसिक और सामाजिक आघात भी झेलना पड़ा।
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कानून के शिकंजे में दहेज के लोभी
पीड़ित परिवार की शिकायत पर थाना सदर बिलासपुर में दूल्हे और उसके परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है। मामले की पुष्टि करते हुए संदीप धवल ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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दहेज प्रथा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर समाज में फैली दहेज प्रथा की कड़वी सच्चाई को सामने ला दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर आधुनिक समाज में भी बेटियों की खुशियों को दहेज के तराजू में क्यों तौला जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई और बेटी दहेज के लालच की भेंट न चढ़े।
