हमीरपुर। कहते हैं कि हौसले अगर मजबूत हों और इरादों में पहाड़ जैसी दृढ़ता हो] तो आसमान छूना नामुमकिन नहीं रह जाता। हिमाचल प्रदेश की बेटियों ने इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिखाया है। पहाड़ की बेटियां आज हर उस मुकाम को हासिल कर रही हैं, जहां कभी पुरुषों का वर्चस्व माना जाता था। शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, खेल, चिकित्सा, रक्षा सेवाओं से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहाड़ की बेटियां अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं।
कैप्टन के पद पर पदोन्नत हुई शिवानी
इसी कड़ी में जिला हमीरपुर की बेटी शिवानी जसवाल ने भारतीय सेना की प्रतिष्ठित मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (एमएनएस) में कैप्टन के पद पर पदोन्नत होकर प्रदेश और जिले का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर सेना के महत्वपूर्ण चिकित्सा तंत्र में नेतृत्वकारी भूमिका तक पहुंचना शिवानी की मेहनत, समर्पण और अनुशासन की प्रेरणादायक कहानी बन गया है।
सेवा, समर्पण और उत्कृष्ट कार्य का मिला सम्मान
जिला हमीरपुर की ग्राम पंचायत पटलान्दर के गांव जीहड़ से संबंध रखने वाली शिवानी जसवाल वर्तमान में मिलिट्री नर्सिंग सर्विस, बेंगलुरु में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने लेफ्टिनेंट के रूप में लगातार उत्कृष्ट कार्य करते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया और वरिष्ठ अधिकारियों का विश्वास जीता।
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कर्तव्यनिष्ठा, पेशेवर दक्षता और अनुशासित कार्यशैली के बल पर उन्होंने सेना के चिकित्सा तंत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी इसी उत्कृष्ट सेवा को देखते हुए 4 जून 2026 को उन्हें कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया गया। यह उपलब्धि उनके सैन्य करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
परिवार की खुशियां दोगुनी
शिवानी के पिता राज कुमार, जो वर्तमान में भू-व्यवस्था नक्शा परियोजना एमसी पालमपुर में कानूनगो के पद पर सेवाएं दे रहे हैं, ने बेटी की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिवार के लिए गर्व और सम्मान का क्षण है। उन्होंने बताया कि शिवानी बचपन से ही मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित रही हैं। माता-पिता के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग ने उनकी सफलता की राह को मजबूत बनाया। पदोन्नति की खबर मिलते ही रिश्तेदारों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने परिवार को बधाइयां देना शुरू कर दिया।
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हिमाचल की बेटियों के लिए बनी प्रेरणा
शिवानी जसवाल की सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा और मेहनत किसी भी भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती। पहाड़ी क्षेत्रों की बेटियां आज कठिन परिस्थितियों को चुनौती देते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं।
रक्षा सेवाओं जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में कैप्टन के पद तक पहुंचना उन हजारों युवतियों के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखती हैं और उन्हें साकार करने का साहस रखती हैं। शिवानी ने यह संदेश दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
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बेटियों की उपलब्धियों से बदल रही हिमाचल की तस्वीर
एक समय था जब सेना, प्रशासन और तकनीकी क्षेत्रों को मुख्य रूप से पुरुषों का कार्यक्षेत्र माना जाता था, लेकिन आज हिमाचल की बेटियां इन सभी क्षेत्रों में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। भारतीय सेना में अधिकारी बनने से लेकर चिकित्सा सेवाओं, न्यायपालिका, खेल और शोध के क्षेत्र तक प्रदेश की बेटियां नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। शिवानी जसवाल की पदोन्नति इसी बदलते हिमाचल की तस्वीर को और मजबूत करती है। उनकी सफलता न केवल हमीरपुर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी।
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गांव की बेटी से सेना की कैप्टन तक का सफर
गांव जीहड़ की बेटी शिवानी जसवाल का कैप्टन बनना इस बात का जीवंत उदाहरण है कि सपनों की उड़ान के लिए बड़े शहरों की नहीं, बल्कि बड़े हौसलों की जरूरत होती है। भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश सेवा कर रही शिवानी आज युवाओं के लिए प्रेरणा, परिवार के लिए गौरव और हिमाचल प्रदेश के लिए सम्मान का प्रतीक बन गई हैं। क्षेत्रवासियों ने उनकी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की शुभकामनाएं दी हैं। उनकी यह सफलता आने वाले समय में अनेक बेटियों को अपने सपनों को साकार करने की नई प्रेरणा देगी।
