#उपलब्धि
June 26, 2026
हिमाचल: छोटे से गांव की बेटी प्रिया NABCB में बनी ऑफिसर, देश भर में हासिल किया तीसरा स्थान
प्रिया ठाकुर का NABCB में एक्रिडिटेशन ऑफिसर पद पर हुआ चयन
शेयर करें:

ऊना। हिमाचल प्रदेश की बेटियां आज अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश से निकलकर वे उन ऊंचाइयों को छू रही हैं, जहां पहुंचने का सपना कभी बहुत कम लोग देख पाते थे। ऐसी ही एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी ऊना जिले के बंगाणा उपमंडल की ग्राम पंचायत डीहर से सामने आई है, जहां की होनहार बेटी प्रिया ठाकुर ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल कर पूरे प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
डीहर पंचायत की 25 वर्षीय प्रिया ठाकुर का चयन देश की प्रतिष्ठित संस्था नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर सर्टिफिकेशन बॉडीज़ (NABCB) में एक्रिडिटेशन ऑफिसर के पद पर हुआ है। इस उपलब्धि को और भी खास बनाता है चयन प्रक्रिया में उनका देशभर में तीसरा स्थान हासिल करना। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: सहपाठियों ने कॉलेज छात्र को सरेबाजार नि*र्वस्त्र कर घुमाया, डंडों से पी.टा; खौफ में पीड़ित
प्रिया ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तलमेहड़ा से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने नॉन-मेडिकल संकाय में बारहवीं की पढ़ाई पूरी की और उच्च शिक्षा के लिए सिरमौर स्थित इटरनल यूनिवर्सिटी का रुख किया। यहां से उन्होंने फूड टेक्नोलॉजी में बी.टेक की डिग्री हासिल की। छात्र जीवन से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रिया ने कभी अपने सपनों को सीमित नहीं होने दिया। कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर प्रयासों के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है, जो आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।
यह भी पढ़ें : BPL चयन में सुक्खू सरकार की नरमी : आय सीमा बढ़ाने के साथ बदले कई नियम- जानें
प्रिया ठाकुर की सफलता इस बात का प्रमाण है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो तो गांव की बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास से हासिल की जाती है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि प्रिया की उपलब्धि उन बेटियों के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखती हैं लेकिन संसाधनों की कमी के कारण खुद को पीछे समझने लगती हैं। प्रिया ने दिखा दिया कि हौसले बुलंद हों तो मंजिल खुद रास्ता बना लेती है।
जैसे ही प्रिया के चयन की खबर सामने आई, उनके परिवार में खुशी का माहौल बन गया। पूरे डीहर क्षेत्र और बंगाणा उपमंडल में लोगों ने इस उपलब्धि का स्वागत किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और गणमान्य लोगों ने प्रिया को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
आज हिमाचल प्रदेश की बेटियां शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, तकनीक, खेल और रक्षा जैसे क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। प्रिया ठाकुर की यह सफलता भी उसी बदलते हिमाचल की तस्वीर पेश करती है, जहां गांवों की बेटियां अपने सपनों को हकीकत में बदल रही हैं। डीहर की बेटी की यह उपलब्धि केवल एक नौकरी हासिल करने की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और सफलता की ऐसी प्रेरक गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों को आगे बढ़ने का हौसला देती रहेगी।