#उपलब्धि
June 27, 2026
नौकरी के साथ की पढ़ाई... हिमाचल के युवा डॉ ने क्रैक की देश की सबसे मुश्किल परीक्षा, अब PGI में देंगे सेवाएं
डॉ अनुराग ठाकुर का पीजीआई चंडीगढ़ में एमडी जनरल मेडिसिन के पद पर हुआ चयन
शेयर करें:

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश की धरती प्रतिभाओं से भरी हुई है। यहां के युवा समय-समय पर अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाते रहे हैं। सीमित संसाधनों और कई चुनौतियों के बावजूद प्रदेश के अनेक युवा ऐसे मुकाम हासिल कर रहे हैं, जो दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाते हैं।
ऐसी ही एक गौरवपूर्ण उपलब्धि जिला बिलासपुर के झंडूता क्षेत्र के युवा चिकित्सक डॉ अनुराग ठाकुर ने अपने नाम की है। उन्होंने देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन चिकित्सा प्रवेश परीक्षाओं में शामिल INI-CET 2026 को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिला बिलासपुर और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है।
डॉ अनुराग ठाकुर का चयन देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में गिने जाने वाले पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGI), चंडीगढ़ में एमडी जनरल मेडिसिन के लिए हुआ है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि INI-CET परीक्षा को देश की सबसे प्रतिस्पर्धी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल किया जाता है, जिसमें सफलता हासिल करने के लिए असाधारण तैयारी और निरंतर मेहनत की आवश्यकता होती है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल के इस गांव में 14 साल बाद पहुंचे CM : ग्रामीणों के साथ दो दिन बिताएंगे सुक्खू
जिला बिलासपुर के झंडूता क्षेत्र से संबंध रखने वाले डॉ. अनुराग ठाकुर ने अपने छात्र जीवन से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। शिक्षा के प्रति समर्पण और लक्ष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने डॉ. वाई.एस. परमार मेडिकल कॉलेज, नाहन से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और चिकित्सा क्षेत्र में अपने ज्ञान और कौशल का मजबूत आधार तैयार किया। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि इरादे मजबूत हों तो ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
एमबीबीएस के बाद डॉ अनुराग ठाकुर ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ते हुए जिला बिलासपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंतेहड़ा में मेडिकल ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं दीं। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारियों के बीच लगातार अध्ययन करना किसी चुनौती से कम नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य को कभी नजरों से ओझल नहीं होने दिया। दिनभर मरीजों की सेवा और व्यस्त कार्यशैली के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। इसी समर्पण, अनुशासन और अथक परिश्रम का परिणाम रहा कि उन्होंने INI-CET जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर देश के प्रतिष्ठित संस्थान PGI चंडीगढ़ में प्रवेश सुनिश्चित किया।
डॉ अनुराग ठाकुर की उपलब्धि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो चिकित्सा क्षेत्र या अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता का सपना देखते हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियां और चुनौतियां सफलता की राह में बाधा नहीं बनतीं, यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति पूरी निष्ठा और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़े।
डॉ अनुराग ठाकुर की इस उपलब्धि की खबर सामने आते ही झंडूता क्षेत्र सहित पूरे जिला बिलासपुर में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों, बुद्धिजीवियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
लोगों का कहना है कि डॉ अनुराग ने यह साबित कर दिया है कि हिमाचल का युवा किसी भी स्तर की प्रतिस्पर्धा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकता है। उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और प्रदेश के युवाओं को बड़े सपने देखने तथा उन्हें पूरा करने का हौसला देगी।