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July 20, 2026
हिमाचल का पावर कपल : एक ही जिले में दोनों ने संभाला SDM का पदभार, संघर्ष से पाया मुकाम
सरकारी जिम्मेदारियों के साथ दो बच्चों की परवरिश भी पूरी जिम्मेदारी से निभा रहे हैं
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सोलन। हिमाचल प्रदेश में मेहनत, संघर्ष और लगन की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है। सीमित संसाधनों वाले परिवार से निकलकर एक किसान का बेटा आज SDM है। जबकि उसकी पत्नी ने वैज्ञानिक बनने की राह छोड़ प्रशासनिक सेवा चुनी और अब दोनों हिमाचल प्रशासनिक सेवा में अहम जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
सिरमौर जिले के संगड़ाह उपमंडल के गत्ताधार गांव के रहने वाले गोपाल चंद शर्मा का बचपन आर्थिक तंगी में बीता। किसान परिवार से होने के बावजूद उन्होंने पढ़ाई को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। नाहन से शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक, हाईकोर्ट और अन्य विभागों में सेवाएं दीं।
हालांकि उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा था। वर्ष 2013 में उन्होंने हिमाचल प्रशासनिक सेवा की एलाइड परीक्षा पास कर आबकारी एवं कराधान अधिकारी (ETO) के रूप में करियर शुरू किया। वर्ष 2022 में पदोन्नति के बाद वह HAS अधिकारी बने और वर्तमान में SDM कंडाघाट के पद पर कार्यरत हैं।
बिलासपुर की रहने वाली नीरजा शर्मा ने शूलिनी विश्वविद्यालय से बायोटेक्नोलॉजी में BSC और MSC की पढ़ाई की। निजी क्षेत्र में बेहतर करियर के अवसर होने के बावजूद उन्होंने प्रशासनिक सेवा का रास्ता चुना। वर्ष 2013 में तहसीलदार के रूप में नियुक्ति के बाद उन्होंने जिला राजस्व अधिकारी सहित कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। पदोन्नति के बाद अब उन्होंने SDM सोलन का कार्यभार संभाल लिया है।
दोनों की पहली मुलाकात शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (HIPA) में प्रशिक्षण के दौरान हुई थी। यहीं से शुरू हुई दोस्ती समय के साथ रिश्ते में बदली और वर्ष 2015 में दोनों विवाह बंधन में बंध गए। आज यह प्रशासनिक दंपती सरकारी जिम्मेदारियों के साथ अपने दो बच्चों की परवरिश भी पूरी जिम्मेदारी से कर रहा है।
गोपाल शर्मा के 85 वर्षीय पिता जालम सिंह और माता दुर्गी देवी ने सीमित संसाधनों में बच्चों की शिक्षा के लिए कठिन संघर्ष किया। आज उसी मेहनत का परिणाम है कि उनका बेटा और बहू दोनों हिमाचल प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण पदों पर प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। गोपाल और नीरजा शर्मा की कहानी बताती है कि कठिन परिस्थितियां सफलता की राह नहीं रोक सकतीं, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे।