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July 4, 2026

हिमाचल की बेटी अपेक्षा ने एक साल में पास कीं दो बड़ी परीक्षाएं- वायुसेना में बनी अधिकारी

बिलासपुर की बेटी ने बढ़ाया प्रदेश का मान

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himachal Indian Air Force

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और सेना जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी प्रदेश की बेटियां लगातार नए मुकाम हासिल कर रही हैं। इसी कड़ी में बिलासपुर जिले के घुमारवीं उपमंडल के कोटला गांव की रहने वाली अपेक्षा शर्मा ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। 

बिलासपुर की बेटी ने बढ़ाया प्रदेश का मान

अपेक्षा शर्मा का चयन भारतीय वायुसेना में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर हुआ है। संयुक्त भर्ती परीक्षा (सीआरई) में सफलता हासिल करने के बाद उन्हें भारतीय वायुसेना में नियुक्ति मिली है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी पहली तैनाती केंद्रीय सचिवालय, नई दिल्ली में की गई है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।

 

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बचपन से पढ़ाई में रहीं अव्वल 

अपेक्षा शर्मा शुरू से ही पढ़ाई में होनहार रही हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शाहतलाई से पूरी की। इसके बाद उन्होंने डीएवी पब्लिक स्कूल, मैहतपुर (ऊना) से वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की। स्कूल स्तर पर ही उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से बेहतर प्रदर्शन किया और आगे चलकर चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला लिया।

मेहनत से हासिल किया मुकाम 

इसके बाद उन्होंने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), शिमला से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की। नर्सिंग की डिग्री हासिल करने के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी। स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी जानकारी बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 2024 में पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ (एमपीएच) की डिग्री भी हासिल की। लगातार पढ़ाई और मेहनत की बदौलत उन्होंने अपने लक्ष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ाए।

 

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एक ही साल में दो बड़ी परीक्षाएं कीं पास

एमपीएच करने के बाद अपेक्षा ने चंडीगढ़ के होमी भाभा कैंसर अस्पताल की नर्सिंग कोचिंग अकादमी में ट्रेनर के तौर पर भी काम किया। साल 2024 उनके लिए बेहद खास रहा, क्योंकि उन्होंने एक साथ दो बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं पास कीं।

 

पंजाब की नौकरी छोड़ चुनी वायुसेना

 

पहली भारतीय वायुसेना की सीआरई परीक्षा और दूसरी बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, पंजाब की स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा। इसके बाद उनका चयन पंजाब सरकार के सिविल अस्पताल, मोगा में स्टाफ नर्स के पद पर भी हुआ, लेकिन उन्होंने भारतीय वायुसेना में नर्सिंग ऑफिसर के रूप में सेवा देने का फैसला किया।

 

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परिवार से मिला शिक्षा और अनुशासन का मजबूत आधार

अपेक्षा शर्मा की सफलता के पीछे उनके परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके पिता धर्मपाल शर्मा घुमारवीं के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोठी में राजनीति शास्त्र के प्रवक्ता हैं। वहीं उनकी माता अनीता शर्मा डीएवी स्कूल, मैहतपुर में गणित विषय की शिक्षिका हैं।

 

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उनके दादा रामदास शर्मा शारीरिक शिक्षा शिक्षक (पीईटी) के पद से सेवानिवृत्त हैं। परिवार में शुरू से ही शिक्षा, अनुशासन और मेहनत को सबसे अधिक महत्व दिया जाता रहा है। यही माहौल अपेक्षा के व्यक्तित्व और करियर निर्माण में सबसे बड़ी ताकत बना। परिवार ने हर कदम पर उनका उत्साह बढ़ाया और कठिन समय में उनका हौसला बनाए रखा।

युवाओं  के लिए बनीं प्रेरणा

अपेक्षा शर्मा की यह सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो मेहनत और लगन के दम पर अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता जरूर मिलती है। अपेक्षा ने यह साबित कर दिया कि लगातार सीखने, खुद को बेहतर बनाने और कभी हार न मानने का जज्बा इंसान को बड़ी से बड़ी मंजिल तक पहुंचा सकता है।

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