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July 19, 2026

हिमाचल की शशिवाला ने क्वालीफाई किया NEET, सेल्समैन पिता का बढ़ाया मान- मां गदगद

बेटियों के लिए प्रेरणा बनी शशिवाला शर्मा

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चंबा। मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के सामने परिस्थितियां कभी बाधा नहीं बनतीं। इस बात को जिला चंबा के उपमंडल चुराह की ग्राम पंचायत पंझेई के गांव चला की प्रतिभाशाली बेटी शशिवाला शर्मा ने एक बार फिर साबित कर दिया है।

गांव की बेटी ने क्रैक किया NEET

शशिवाला ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET में सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार का सपना साकार किया है, बल्कि पूरे चुराह क्षेत्र का नाम भी गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव, पंचायत और आसपास के क्षेत्रों में खुशी और उत्साह का माहौल है।

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सेल्समैन है शशिवाला के पिता

शशिवाला शर्मा के पिता भूपिंदर सिंह शर्मा सेल्समैन का काम कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। जबकि उनकी माता सुमित्रा देवी गृहिणी हैं। सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि होने के बावजूद माता-पिता ने हमेशा अपनी बेटी की शिक्षा को प्राथमिकता दी और हर परिस्थिति में उसका हौसला बढ़ाया।

बेटी ने बढ़ाया मान

NEET जैसी प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण परीक्षा को देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में माना जाता है। इसमें सफलता प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक निरंतर अध्ययन, धैर्य, अनुशासन और मानसिक दृढ़ता की आवश्यकता होती है। शशिवाला ने नियमित पढ़ाई, सकारात्मक सोच और कठिन परिश्रम के बल पर यह उपलब्धि हासिल की।

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बधाई देने वालों का लगा तांता

उन्होंने साबित किया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने का जज्बा मजबूत हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में रुकावट नहीं बनते। शशिवाला की इस उपलब्धि की खबर जैसे ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंची, लोगों ने उनके परिवार को बधाई देना शुरू कर दिया।

क्षेत्र का बढ़ाया मान

ग्राम पंचायत पंझेई के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, समाजसेवियों और स्थानीय लोगों ने शशिवाला की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पूरे चुराह क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वह आगे चलकर चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देकर समाज का नाम रोशन करेंगी।

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बेटियों के लिए प्रेरणा बनी शशिवाला

शशिवाला शर्मा की सफलता आज क्षेत्र की अन्य बेटियों और युवाओं के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है। उनका यह सफर यह संदेश देता है कि सपनों को पूरा करने के लिए आर्थिक स्थिति से अधिक महत्व मेहनत, लगन, अनुशासन और आत्मविश्वास का होता है। यदि परिवार का सहयोग और स्वयं पर विश्वास बना रहे, तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है।।

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