बिलासपुर। कहते हैं कि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने का जुनून दिल में हो- तो साधारण परिस्थितियां भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनतीं। जिला बिलासपुर के झंडूता विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत झबोला के तांबड़ी गांव के युवा अभिषेक शर्मा ने इसी बात को सच साबित कर दिखाया है।

पूरे हिमाचल में छाया ट्रक ड्राइवर का बेटा

अभिषेक ने भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बनकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि की खबर सामने आने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

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भारतीय नौसेना में बना सब लेफ्टिनेंट

जानकारी के अनुसार, अभिषेक शर्मा 6 जून को अपने पैतृक गांव तांबड़ी पहुंच रहे हैं। उनके स्वागत के लिए गांव में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। स्थानीय लोग, सामाजिक संगठन और युवा उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।

पूरे गांव में खुशी की लहर

ग्रामीणों का कहना है कि किसी छोटे से गांव के युवक का भारतीय नौसेना में अधिकारी बनना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। ऐसे युवाओं की सफलता से गांवों में रहने वाले बच्चों और युवाओं को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा मिलती है।

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साधारण परिवार का बेटा

अभिषेक एक साधारण परिवार के बेटे हैं। उनके पिता पवन कुमार ट्रक चलात हैं। जबकि माता मीना देवी गृहिणी हैं। परिवार ने सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों की शिक्षा और संस्कारों में कोई कमी नहीं आने दी।

 

भारतीय सेना में छोटा भाई

परिवार में देशसेवा का जज्बा भी साफ दिखाई देता है। अभिषेक का छोटा भाई भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहा है। ऐसे में यह परिवार राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का उदाहरण बन गया है।

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आसान नहीं था सफर

अभिषेक शर्मा वर्ष 2017 में भारतीय नौसेना में भर्ती हुए थे। उन्होंने अपने सैन्य जीवन की शुरुआत एक जवान के रूप में की और विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। अपनी यूनिट में उन्होंने शारीरिक प्रशिक्षक के रूप में भी सेवाएं दीं, जहां उनके अनुशासन और कार्यकुशलता की सराहना की गई।

 

नौसेना में रहते हुए उन्होंने केवल अपनी ड्यूटी तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि लगातार खुद को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास करते रहे। वर्ष 2021 में उन्होंने अधिकारी रैंक के लिए आयोजित परीक्षा में भाग लिया। 

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कठिन ट्रेनिंग भी की

कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की। इसके बाद भारतीय नौसेना अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने सभी चुनौतियों को पार किया। प्रशिक्षण पूरा होने पर सब लेफ्टिनेंट का प्रतिष्ठित पद हासिल किया।

शिक्षा के साथ नहीं छोड़ा संघर्ष

अभिषेक की प्रारंभिक शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शाहतलाई में हुई। स्कूल जीवन से ही वे अनुशासित और मेहनती छात्र रहे। 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने देशसेवा का सपना साकार करने के लिए भारतीय नौसेना का रास्ता चुना।

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नौकरी के दौरान भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और स्नातक की शिक्षा पूरी की। इससे यह साबित होता है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो नौकरी और शिक्षा दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ा जा सकता है।

 

सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरु

अपनी उपलब्धि पर अभिषेक शर्मा ने विनम्रता दिखाते हुए सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों को दिया है। उनका कहना है कि परिवार के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अधिकारियों की प्रेरणा ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया।

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उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है और वे भविष्य में भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहेंगे।

युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत

अभिषेक शर्मा की सफलता यह संदेश देती है कि बड़े सपनों को पूरा करने के लिए बड़ी सुविधाओं की नहीं, बल्कि मजबूत इरादों और निरंतर मेहनत की आवश्यकता होती है। एक ट्रक चालक के बेटे का भारतीय नौसेना में अधिकारी बनना उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने जीवन में बड़ा मुकाम हासिल करने का सपना देखते हैं।

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