डलहौजी (चंबा)। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़क धंसने और मकानों के गिरने की घटनाएं आम होती जा रही हैं। इसी कड़ी में चंबा जिले के डलहौजी उपमंडल के तहत बाथरी पंचायत के कुम्हारका गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को सदमे में डाल दिया। हादसे में एक घर की रसोई की छत अचानक से गिर गई। हादसे के समय पति पत्नी रसोई में ही थी और दोनों मलबे में दब गए।
रात को खाना बनाते समय गिरी छत
दरअसल शनिवार रात करीब 9 बजे के आसपास शशि कुमार और उनकी पत्नी रितु देवी अपने घर की कच्ची रसोई में खाना बना रहे थे। तभी लगातार हो रही मूसलधार बारिश के चलते रसोईघर की कमजोर छत अचानक भरभराकर ढह गई, और दोनों पति-पत्नी मलबे के नीचे दब गए। घटना इतनी भयावह थी कि आसपास के ग्रामीणों ने तेज धमाके की आवाज़ सुनते ही मौके की ओर दौड़ लगा दी।
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ग्रामीणों ने मलबे से निकाले पति पत्नी
गांववालों ने बिना देरी किए राहत और बचाव कार्य शुरू किया और पंचायत प्रतिनिधियों व प्रशासन को सूचना दी। हाथों से मलबा हटाकर ग्रामीणों ने दंपती को बाहर निकाला और तत्काल उन्हें नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाथरी पहुंचाया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। रितु देवी की रास्ते में ही मौत हो गई, जबकि शशि कुमार को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज टांडा रेफर किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
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प्रशासन मौके पर पहुंचा
हादसे की सूचना मिलते ही उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) अनिल भारद्वाज राहत टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतका के परिजनों से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवार को 25,000 रुपये की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार की ओर से निर्धारित बाकी राहत राशि जल्द ही प्रदान की जाएगी।
पुलिस ने किया मामला दर्ज
स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। रितु देवी के शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। घटना को लेकर ग्रामीणों में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है। उनका कहना है कि प्रशासन को कच्चे और जर्जर मकानों का समय रहते निरीक्षण करना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
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बारिश का रौद्र रूप, प्रदेश में अब तक दर्जनों घटनाएं
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने इस बार तबाही का पैगाम लेकर आया है। राज्य के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़कों का धंसना और मकानों के गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। चंबा, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू और शिमला जैसे जिलों में भारी नुकसान हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार पिछले एक महीने में भारी बारिश और उससे संबंधित घटनाओं में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। दर्जनों सड़कें बंद पड़ी हैं और कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से कट चुका है।
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प्रशासन की अपील
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान पूरी सतर्कता बरतें, विशेष रूप से ऐसे मकानों में न रहें जो जर्जर स्थिति में हैं या ढलान वाले इलाकों में बने हैं। प्रशासन ने पंचायत प्रतिनिधियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने.अपने क्षेत्रों में जोखिम भरे मकानों की सूची बनाकर जल्द से जल्द जिला प्रशासन को सौंपें।
