#हादसा
April 8, 2026
हिमाचल : हवा में लटकी यात्रियों से भरी HRTC बस- पहाड़ी से गिरा मलबा, स्कूली बच्चे भी थे सवार
तेज बारिश में बस पर गिरा मलबा, लोगों में चीख-पुकार
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में आज सुबह-सुवेरे जब सवारियों से भरी HRTC बस पर अचानक पहाड़ी से भारी मलबा आ गिरा। मलबा गिरते ही बस सड़क किनारे असंतुलित होकर हवा में लटक गई।
हादसे के दौरान बस में महिलाओं, स्कूली बच्चों समेत कई लोग सवार थे। बस के हवा में लटकते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। पूरा इलाका सवारियों की चीखों से दहल उठा।

आपतको बता दें कि भरमौर उपमंडल की दुर्गम कुगती-हडसर-भरमौर सड़क पर एक भयावह हादसा होते-होते टल गया। सुबह करीब 9 बजे कुगती से चंबा की ओर जा रही HRTC बस जब हडसर के पास पहुंची, तो अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर नीचे आ गिरे।
देखते ही देखते बस चालक ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत ब्रेक लगा दी। मगर मलबे के दबाव और सड़क की संकरी स्थिति के कारण बस असंतुलित होकर सड़क के किनारे खिसक गई और एक ओर से हवा में लटक गई।
बस के इस खतरनाक स्थिति में पहुंचते ही उसमें सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। बस में करीब 10 से 15 लोग सवार थे, जिनमें कुछ स्कूली बच्चे भी शामिल थे। बस के हवा में झूलने से यात्रियों की चीख-पुकार गूंज उठी और हर किसी को अपनी जान का डर सताने लगा। स्थिति इतनी गंभीर थी कि जरा सी चूक बड़ा हादसा बन सकती थी।
ऐसे मुश्किल समय में बस चालक की सूझबूझ और हिम्मत ने सभी की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। चालक ने घबराने के बजाय संयम बनाए रखा और बस को आगे खिसकने से रोक दिया।
इसी दौरान आसपास के स्थानीय लोग भी तुरंत मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य में जुट गए। ग्रामीणों और चालक की मदद से एक-एक कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
हादसे के बाद कुछ समय तक कुगती-हडसर-भरमौर मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। सड़क पर गिरे मलबे को हटाने और रास्ता बहाल करने में समय लगा, जिसके चलते कई वाहन दोनों ओर फंसे रहे।
बताया जा रहा है कि पिछले करीब 12 घंटों से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी, जिसके कारण पहाड़ों से मलबा गिरने और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। इसी बारिश के चलते यह हादसा हुआ। प्रशासन ने भी हालात को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोग केवल अत्यंत जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें। खासकर बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से गुजरते समय सतर्कता बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।