#हादसा
April 7, 2026
हिमाचल: सड़क से गुजर रही कार पर अचानक पहाड़ से आ गिरा पत्थर, पति-पत्नी थे सवार
हिमाचल में भारी बारिश के बाद दरकने लगे पहाड़
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रही बारिश] ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि एक ओर जहां खराब मौसम लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है] वहीं दूसरी ओर अब पहाड़ भी दरकने लगे हैं] जिससे खतरा और बढ़ गया है।
इसी कड़ी में लाहौल जिला के मोसूमा थेतुप कुरकुर क्षेत्र में सोमवार दोपहर बाद अचानक भारी लैंडस्लाइड की घटना सामने आई। पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा सड़क पर आ गिरा। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक कार इसकी चपेट में आ गई। एक विशाल चट्टान सीधे वाहन पर गिरने से उसमें सवार पंजाब के एक दंपत्ति घायल हो गए, जबकि चालक सुरक्षित बच गया। घायलों को तुरंत केलांग अस्पताल ले जाया गया] जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए कुल्लू रेफर किया गया। राहत की बात यह रही कि दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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पिछले एक सप्ताह से जारी खराब मौसम के चलते प्रदेश के कई पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। जगह-जगह सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हो रहा है और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उधर चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में भी मौसम की मार देखने को मिली। यहां होली-खड़ामुख मार्ग पर बन रहा निर्माणाधीन सिंयुर पुल भूस्खलन की चपेट में आकर ढह गया। बताया जा रहा है कि सुबह अचानक पहाड़ी से भारी मलबा गिरा, जिससे लोहे का पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह पुल क्षेत्र के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि लंबे समय से यहां स्थायी पुल की मांग की जा रही थी।
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मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी 48 घंटों के लिए प्रदेश में भारी ओलावृष्टि और तेज तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में तेज बारिश के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार 7 से 9 अप्रैल के बीच मौसम सबसे ज्यादा खराब रहेगा, जिसमें 8 अप्रैल को भारी बारिश, ओलावृष्टि और तूफान का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। 10 अप्रैल से मौसम में हल्का सुधार आने की संभावना है, हालांकि ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है।
लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर ऊंचाई वाले और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा टालने को कहा गया है। प्रदेश में मौसम के इस बदले मिजाज ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है, क्योंकि प्राकृतिक आपदाओं का खतरा अभी टला नहीं है।