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August 4, 2025
हिमाचल: भारी बारिश से खाद्य आपूर्ति विभाग के गोदाम में घुसा पानी-मलबा, लाखों का राशन खराब
दुर्गम क्षेत्रों में होनी थी राशन की आपूर्ति
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून ने कहर बरपाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। तेज बारिश, भूस्खलन, नदियों का उफान और मलबे के सैलाब ने प्रदेश के जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। इस मानसून सीजन में अब तक सैकड़ों लोग बेघर हो चुके हैं, सड़कें टूट चुकी हैं, पुल बह चुके हैं और कई क्षेत्रों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
इसी सिलसिले में शनिवार रात को कुल्लू जिले में भीषण बारिश के कारण जिला मुख्यालय के कई हिस्सों में सड़कों और गलियों में पानी और मलबा भर गया। सबसे बड़ी मार राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के थोक बिक्री केंद्र ढालपुर पर पड़ी, जहां बारिश का पानी और भारी मात्रा में मलबा गोदाम में घुस गया। जिससे यहां रखा सारा राशन खराब हो गया।
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रविवार को छुट्टी होने के कारण जब सोमवार सुबह कर्मचारी गोदाम पहुंचे, तो उन्होंने वहां मलबे और पानी से भरा पूरा परिसर देखा। आनन-फानन में गोदाम की सफाई शुरू की गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गोदाम में रखा आटा, चावल, दालें और चीनी पूरी तरह खराब हो चुके थे। यह गोदाम कुल्लू, लाहौल-स्पीति और पांगी जैसे दुर्गम इलाकों में राशन आपूर्ति के लिए मुख्य केंद्र है। ऐसे में अब इन क्षेत्रों में राशन की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है।
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गोदाम के पर्यवेक्षक चंद्रशेखर ने बताया कि शनिवार रात घाटी में मूसलधार बारिश हुई थी, जिसके कारण मिट्टी, पत्थर और भारी मलबा गोदाम में घुस गया। यहां तक कि गोदाम के साथ का डंगा भी गिर चुका है, जिससे इमारत को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।
मौसम विभाग ने प्रदेश में आने वाले दिनों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। आज 4 अगस्त और कल 5 अगस्त के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान प्रदेश के कई जिला में भारी बारिश की संभावना जताई है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे न जाएं, पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचें और आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। जिला प्रशासन ने गोदाम के नुकसान की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी है, और राहत कार्यों के लिए विशेष टीमों को भी सक्रिय किया गया है।