मंडी। हिमाचल प्रदेश में सुबह-सवेरे एक और बस हादसे का शिकार हो गई है। इस हादसे में बुजुर्ग महिला की मौत हो गई है। जबकि, ड्राइवर-कंडक्टर समेत पांच लोगों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। हादसे में एक बच्चे के घायल होने की भी सूचना है। हादसे के वक्त मौके पर चीख-पुकार मच गई। पूरा इलाका सवारियों की चीखों से दहल उठा।
14 लोगों की मौत
हाल ही में सिरमौर जिले के हरिपुरधार में हुए भीषण सड़क हादसे में जहां 14 लोगों की मौत हो गई और 61 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। वहीं अब मंडी जिले के करसोग उपमंडल में पेश आई इस दर्दनाक दुर्घटना ने प्रदेश की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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निजी बस खाई में गिरी
करसोग उपमंडल में चरखड़ी के पास आज सुबह करीब 8.30 बजे एक निजी बस हादसे का शिकार हो गई। ‘चेतन कोच’ नामक यह बस अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि बस सड़क से फिसलते ही कई पल में खाई में समा गई।
बुजुर्ग महिला की मौत
इस हादसे में 75 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि ड्राइवर ने बस को गर्म करने के लिए स्टार्ट किया था। ऐसे में वो खुद कुछ दूरी पर जाकर खड़ा हो गया। इसी दौरान बस अचानक वाइब्रेशन करते हुए अपने आप पीछे की तरफ चलने लगी और अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
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स्थानीय लोगों ने की मदद
स्थानीय लोगों के अनुसार गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त बस में ज्यादा सवारियां नहीं थीं। यदि बस पूरी तरह भरी होती तो यह हादसा बड़े जनहानि में तब्दील हो सकता था। जैसे ही दुर्घटना हुई, आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। साथ ही प्रशासन और पुलिस को भी घटना की सूचना दी गई।
खाई से बाहर निकाले घायल
हादसे में घायल तीनों लोगों को स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से खाई से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तुरंत पांगणा अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। वहीं, हादसे में जान गंवाने वाले बुजुर्ग के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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हरिपुरधार हादसे की यादें अभी भी ताजा
करसोग की यह दुर्घटना ऐसे समय सामने आई है, जब प्रदेश अभी सिरमौर जिले के हरिपुरधार में हुए भीषण हादसे के सदमे से उबरा भी नहीं है। हरिपुरधार में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 14 लोगों की जान चली गई, जबकि 61 घायल हुए हैं। हादसे ने पूरे हिमाचल को झकझोर कर रख दिया है। अब मंडी में सामने आए इस हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रदेश की पहाड़ी सड़कों पर सफर लगातार जोखिम भरा होता जा रहा है।
हादसे के कारणों की जांच शुरू
करसोग हादसे के पीछे फिलहाल सटीक कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। प्रारंभिक जांच में सड़क की खराब स्थिति या बस में आई किसी तकनीकी खराबी को संभावित वजह माना जा रहा है। पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है और हादसे के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
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सवालों के घेरे में सड़क सुरक्षा
लगातार हो रहे इन हादसों ने प्रशासन और परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरिपुरधार जैसे बड़े हादसे के बाद भी यदि सड़क सुरक्षा, वाहन जांच और ड्राइवरों की निगरानी में कोई ठोस सुधार नहीं होता, तो आने वाले दिनों में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता। हिमाचल की पहाड़ी सड़कों पर सफर कर रहे लोगों की सुरक्षा अब एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
